रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वाराणसी के दीनदयाल हस्तकला संकुल से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के 12 लाख शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने की योजना शुरू की गई। साथ ही 1.10 करोड़ छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खातों में यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग एवं स्टेशनरी के लिए प्रति विद्यार्थी 1200 रुपये की डीबीटी राशि हस्तांतरित की गई तथा 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू का निष्पादन किया गया।





इस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण मथुरा के डैंपियर नगर स्थित पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी मुख्य अतिथि तथा बलदेव विधायक पूरन प्रकाश विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति, जिला विद्यालय निरीक्षक राघवेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इसके बाद मुख्यमंत्री के संबोधन का सजीव प्रसारण देखा और सुना गया।
मुख्य अतिथि मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों एवं संविदा कर्मचारियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी और गंभीर बीमारियों के उपचार में आर्थिक राहत प्रदान करेगी।
विधायक पूरन प्रकाश ने योजना को शिक्षक हित में ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार शिक्षकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि इस योजना से शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक, केजीबीवी शिक्षक, विद्यालयों में कार्यरत रसोइये तथा उनके आश्रित गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने अभिभावकों से डीबीटी की राशि का उपयोग बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं पर ही करने की अपील की तथा शिक्षकों से बच्चों के सर्वांगीण विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री, विधायक, जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने प्रतीकात्मक रूप से शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने बताया कि जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग के 7,832 शिक्षकों एवं कर्मचारियों तथा उनके 39,160 परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक राघवेंद्र सिंह ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के 1,256 शिक्षकों एवं कर्मचारियों तथा उनके 6,280 परिवारों को भी योजना से लाभान्वित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।