रिपोर्ट : राहुल मिश्रा।
मिश्रिख (सीतापुर)। विश्व प्रसिद्ध दधीचि कुंड तीर्थ में गुरुवार को हजारों मछलियां मृत अवस्था में मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। कुंड में बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां दिखाई देने पर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने गहरी चिंता जताई। सूचना मिलते ही कर्मचारियों ने कुंड से मृत मछलियों को निकालने का कार्य शुरू कर दिया।
स्थानीय लोगों एवं तीर्थ के प्रधान पुजारी राहुल शर्मा ने बताया कि यह समस्या पहली बार नहीं हुई है। उनके अनुसार प्रत्येक वर्ष गर्मी के मौसम में कुंड के पानी में ऑक्सीजन की कमी होने से बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हो जाती है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते आवश्यक इंतजाम कर दे तो ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि एक श्रद्धालु द्वारा कुंड में दो ऑक्सीजन मशीनें लगवाई गई थीं, जो पानी को फिल्टर कर उसमें ऑक्सीजन की मात्रा बनाए रखने का कार्य करती थीं। लेकिन लगभग तीन माह पूर्व दोनों मशीनें खराब हो गईं और मरम्मत के लिए नगर पालिका मिश्रिख भेजी गईं। आरोप है कि अब तक उनकी मरम्मत कर उन्हें दोबारा स्थापित नहीं कराया गया, जिसके कारण स्थिति और गंभीर हो गई।
इसके अलावा कुंड के पानी को शुद्ध रखने और मछलियों के संरक्षण के लिए दवा युक्त चार विशेष टंकियां भी लगाई गई थीं। इन टंकियों से धीरे-धीरे दवा का रिसाव होकर पानी की गुणवत्ता बनाए रखी जाती थी, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार ये टंकियां भी लंबे समय से निष्क्रिय पड़ी हैं, जिससे जल की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद नगर पालिका की ओर से कुंड में चूने का छिड़काव कराया गया तथा पानी की व्यवस्था शुरू कराई गई। साथ ही कर्मचारियों द्वारा मृत मछलियों को निकालने का कार्य लगातार जारी है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दधीचि कुंड की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, खराब पड़ी ऑक्सीजन मशीनों को शीघ्र चालू कराया जाए तथा जल संरक्षण और जल गुणवत्ता बनाए रखने के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।