•वृक्षारोपण महाभियान के अंतर्गत किया वृक्षारोपण।
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत विकास खंड नौहझील के ग्राम बेरा स्थित निर्माणाधीन 188.50 एमएलडी क्षमता के जल शोधन संयंत्र (Water Treatment Plant) एवं अन्य परियोजना कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण की शुरुआत जल शोधन संयंत्र परिसर में वृक्षारोपण महाभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कर की गई।

जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे नंद प्रकाश मौर्या, उप जिलाधिकारी मांट दीपिका मेहर तथा तहसीलदार मांट सुशील गुप्ता ने वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित वातावरण के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का संदेश भी दिया।
वृक्षारोपण के उपरांत जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने निर्माणाधीन 188.50 एमएलडी क्षमता के जल शोधन संयंत्र के विभिन्न घटकों का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता एवं निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएं। साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण, सुरक्षा मानकों तथा समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
तत्पश्चात जिलाधिकारी ने ग्राम भदानवारा में निर्माणाधीन 325 किलोलीटर क्षमता एवं 15 मीटर स्टेजिंग वाले उच्च जलाशय (OHT) तथा 2450 किलोलीटर क्षमता के क्लियर वाटर रिजर्वायर (CWR) का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए परियोजना को निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि जल जीवन मिशन शासन की प्राथमिकता वाली जनकल्याणकारी योजना है तथा इसके क्रियान्वयन में गुणवत्ता एवं समयबद्धता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को नियमित मॉनिटरिंग करते हुए कार्यों में अपेक्षित गति बनाए रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे नंद प्रकाश मौर्या, उप जिलाधिकारी मांट दीपिका मेहर, तहसीलदार मांट सुशील गुप्ता, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के अधिकारी तथा कार्यदायी संस्था एपीसीओ (APCO) के प्रतिनिधि एवं तकनीकी टीम उपस्थित रही।