रिपोर्ट: अजमत अली।
कुदरहा (बस्ती)। नगर पंचायत गायघाट में राम-जानकी मंदिर न्यास की भूमि पर कथित अवैध कब्जे को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। एक ओर प्लाटिंग पक्ष सिविल कोर्ट के यथास्थिति (स्टे) आदेश का हवाला देते हुए पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर राम-जानकी मंदिर न्यास के पदाधिकारी और स्थानीय लोग राजस्व अभिलेखों के आधार पर उच्चाधिकारियों से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
रविवार को क्षेत्राधिकारी कलवारी प्रदीप कुमार त्रिपाठी प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार की मनमानी या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मामले का समाधान कानून के दायरे में किया जाएगा तथा शांति व्यवस्था हर हाल में बनाए रखी जाएगी।
निरीक्षण के दौरान थानाध्यक्ष कलवारी संतोष कुमार गौड़, गायघाट चौकी प्रभारी राकेश मिश्र, राजस्व विभाग के कर्मचारी तथा दोनों पक्षों के लोग मौजूद रहे।
जानकारी के अनुसार नगर पंचायत गायघाट में राम-जानकी मार्ग के उत्तर दिशा स्थित गाटा संख्या 706 राजस्व अभिलेखों में राम-जानकी मंदिर के नाम दर्ज है। इसके पीछे स्थित गाटा संख्या 692 में एक व्यक्ति द्वारा प्लाटिंग कराई जा रही है। आरोप है कि 4 जुलाई को राजस्व विभाग की टीम ने मंदिर की भूमि की पैमाइश कर सीमांकन किया था, लेकिन उसी रात सीमांकन के निशान हटा दिए गए। अगले दिन इसकी जानकारी मिलने पर स्थानीय लोग बड़ी संख्या में गायघाट पुलिस चौकी पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
बताया जा रहा है कि इससे पहले 3 जुलाई को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने नोटिस जारी कर मार्ग से 75 फीट की परिधि में जिलाधिकारी की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक लगाई थी। वहीं प्लाटिंग पक्ष ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत से विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश प्राप्त कर लिया है।
मंदिर न्यास के पदाधिकारियों का आरोप है कि मंदिर की भूमि पर अवैध अतिक्रमण का प्रयास किया जा रहा है, जबकि प्लाटिंग पक्ष अपने दावे को न्यायालय के आदेश के आधार पर सही बता रहा है। मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी बनी हुई है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और न्यायालय की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।