•प्रयागराज हाईकोर्ट में 18 वादों पर हुई सुनवाई, दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने रखे अपने तर्क
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से जुड़े मामले में प्रयागराज हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद अगली तारीख 20 नवंबर निर्धारित की गई है। हिंदू पक्षकार दिनेश फलाहारी महाराज के अनुसार, न्यायालय में 18 वादों से संबंधित सुनवाई के दौरान हिंदू और मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ताओं के बीच विभिन्न कानूनी बिंदुओं पर लंबी बहस हुई। इस दौरान पूर्व में दाखिल प्रार्थना पत्रों पर भी सुनवाई की गई।
दिनेश फलाहारी महाराज ने बताया कि हिंदू पक्ष की मांग है कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान से संबंधित भूमि को मंदिर के लिए वापस दिलाया जाए। उनका दावा है कि इस मामले में पुराने राजस्व अभिलेखों, खसरा-खतौनी, खेवट की नकल, पानी-बिजली के बिल और रेलवे मुआवजे से संबंधित दस्तावेजों सहित विभिन्न साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हिंदू पक्ष की ओर से विवादित स्थल से संबंधित ऐतिहासिक एवं राजस्व अभिलेखों को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। वहीं, मुस्लिम पक्ष की ओर से पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 का हवाला देते हुए मामले में कानूनी प्रावधानों के आधार पर अपना पक्ष रखा जा रहा है।
फलाहारी महाराज के मुताबिक, पूर्व में हाईकोर्ट द्वारा शाही ईदगाह परिसर के सर्वेक्षण के संबंध में दिए गए आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्षों के बीच समझौते की संभावनाओं पर पहले भी चर्चा हुई थी, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी।
उन्होंने कहा कि हिंदू पक्ष की ओर से पूर्व में समझौते का प्रस्ताव भी दिया गया था। उनके अनुसार, इस प्रस्ताव में मेवात क्षेत्र में 20 एकड़ भूमि देने तथा मस्जिद को हटाने से संबंधित खर्च वहन करने की बात कही गई थी। हालांकि, उनके दावे के मुताबिक, मुस्लिम पक्ष ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ए.के. सिंह, ए.के. मालवीय, वीनू सिंह, सुषमा सोनी, गौरव पांडेय और तनवीर अहमद सहित अन्य अधिवक्ताओं ने बहस में भाग लिया।
अब इस मामले में अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी। न्यायालय में लंबित विभिन्न प्रार्थना पत्रों और कानूनी मुद्दों पर आगे की सुनवाई के बाद ही मामले की आगामी दिशा स्पष्ट हो सकेगी।


