•कार्यक्रम में अग्रसेन महाआरती को देखे मंत्रमुग्ध हुए अग्रवंशी।
मथुरा। श्री अग्रवाल सभा रजि. मथुरा द्वारा आयोजित अग्रसेन जयंती महोत्सव 2026 के अंतर्गत लगने वाले तीन दिवसीय मेले के समापन दिवस के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण, विशिष्ट अतिथि अभिनव जैन, कार्यक्रम अध्यक्ष जयंती प्रसाद अग्रवाल द्वारा माता लक्ष्मी तथा महाराजा अग्रसेन जी के चित्रपट पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
बॉलीवुड पार्श्व गायिका पलक मुछाल ने अपने गीतों व प्रस्तुति से सभी अग्र बंधुओ को मंत्र मुग्ध कर दिया, लोकप्रियता का आलम यह था कि बीएसए कॉलेज ग्राउंड पर हजारों की संख्या में लोग पलक मुछाल को देखने के लिए उत्सुक थे।
मीडिया प्रभारी सचिन अग्रवाल तथा प्रधानमंत्री सुभाष अग्रवाल सिक्का ने बताया की पलक मुच्छल द्वारा अपनी प्रस्तुति से अर्जित होने वाले धनराशी से छोटी उम्र के हृदय रोगी बच्चों का इलाज किया जाता है, अब तक करीब 572 बच्चों का इलाज अपनी कमाई से पलक मुच्छल कर चुकी है उनकी सेवा को देखते हुए ही अग्रवाल सभा ने सेलिब्रिटी के रूप में पलक मुछाल को चुना, जिससे मनोरंजन के साथ-साथ अग्रवाल सभा का पैसा चैरिटी के माध्यम से समाज सेवा में भी लग सके, मुख्य निर्वाचन अधिकारी जयंती प्रसाद अग्रवाल व अध्यक्ष अशोक बंसल ने बताया की कार्यक्रम का प्रारंभ बनारस से बुलाए इवेंट ग्रुप द्वारा महाराजा अग्रसेन की सुरमई आरती से हुआ जिसे देखकर उपस्थित सभी जन मंत्रमुग्ध हो गए।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य जयंती संयोजक किशोर मित्तल तथा मेला संयोजक अंकित बंसल ने सभी अग्रवंशीयो द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री सुभाष सिक्का ने बताया कि मेले के दौरान किसी भी रूप में चाहे वह आर्थिक हो सामाजिक हो या और किसी भी रूप में दिए गए सहयोग के लिए सभी को सम्मानित किया गया । कार्यक्रम के स्वागत अध्यक्ष तुषार अग्रवाल हाथी तथा मंत्री जीतू गर्ग ने सभी का स्वागत किया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मनोहर लाल अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, सुदीप अग्रवाल, मोंटू मित्तल अशोक अग्रवाल, संजय जिंदल, अतुल अग्रवाल राया, राम अग्रवाल ,राघव अग्रवाल ,अशोक बंसल, सुभाष अग्रवाल सिक्का, महावीर मित्तल,सचिन अग्रवाल घी वाले, हरिओम अग्रवाल, कृष्ण मुरारी नेताजी,राजकुमार अग्रवाल रद्दी,संदीप अडूकी अतुल हार्डवेयर, शिव कुमार अग्रवाल, मुकेश गर्ग कोसी, विभोर अग्रवाल आदि बड़ी संख्या में अग्रबंधु उपस्थित थे।


