•बीजेपी ने मजबूत संगठन के दम पर सुरक्षित सीट पर दो चुनावों में दर्ज की जीत, वर्तमान विधायक गुड़िया कठेरिया समेत कई नेताओं के नाम चर्चा में
विजय दूत(मयंक त्रिपाठी)
औरैया सदर विधानसभा सीट पर वर्ष 2027 के चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। जिले में मजबूत संगठन और पिछले चुनावों के प्रदर्शन के दम पर भाजपा एक बार फिर सीट पर अपनी स्थिति बनाए रखने की तैयारी में जुटी है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक प्रत्याशी के नाम पर कोई निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन दावेदारों की लंबी सूची ने राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है। वर्तमान विधायक गुड़िया कठेरिया के साथ कई अन्य भाजपा नेताओं के नाम भी संभावित प्रत्याशियों के रूप में सामने आ रहे हैं।
औरैया सदर सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने के बाद हुए तीन विधानसभा चुनावों में भाजपा ने दो बार जीत दर्ज की है। पिछले दो चुनावों में पार्टी को लगातार सफलता मिली है। इन परिणामों ने जिले में भाजपा के संगठनात्मक प्रभाव और चुनावी तैयारियों को चर्चा के केंद्र में रखा है। अब आगामी चुनाव में पार्टी किस चेहरे पर दांव लगाएगी, इस पर राजनीतिक गलियारों में निगाहें टिकी हैं। हलांकि बीते तीनों चुनाव में बीजेपी ने नया चेहरा ही उतारा है।
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कई नामों को लेकर राजनीतिक चर्चाए
औरैया सदर सीट से वर्तमान विधायक गुड़िया कठेरिया के अलावा जिला पंचायत प्रशासक कमल सिंह दोहरे, भाजपा जिला उपाध्यक्ष शिक्षक योगेंद्र कैथवार, रेलवे बोर्ड के सदस्य राधेश दिवाकर, पूर्व विधायक डॉ. सिद्धार्थ शंकर दोहरे और अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग की सदस्य नीरज गौतम के नाम चर्चा में हैं।
इसके साथ ही भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सर्वेश कठेरिया और क्षेत्रीय महामंत्री शिव सिंह भारती को लेकर भी राजनीतिक हलकों में अटकलें लगाई जा रही हैं। दावेदारों के नाम सामने आने के साथ ही पार्टी के भीतर टिकट को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि, इन नेताओं में से किसी के नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। ऐसे में मौजूदा विधायक की दावेदारी और अन्य नेताओं की संभावित भूमिका को लेकर तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं है।
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संगठन की मजबूती और प्रत्याशी चयन पर निगाहें
भाजपा के सामने इस बार सीट पर जीत का सिलसिला बरकरार रखने की चुनौती रहेगी। वहीं, प्रत्याशी चयन में पार्टी किन पहलुओं को प्राथमिकता देती है, यह भी महत्वपूर्ण होगा। संगठनात्मक सक्रियता, पिछले चुनावों का प्रदर्शन और स्थानीय स्तर पर नेताओं की भूमिका जैसे मुद्दे टिकट की चर्चा के केंद्र में हैं। फिलहाल, औरैया सदर सीट पर दावेदारों के नामों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि भाजपा नेतृत्व 2027 के चुनाव में किस चेहरे को मैदान में उतारता है।


