रिपोर्ट: मयंक त्रिपाठी।
औरैया। विजयादशमी पर्व को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। सदर कोतवाली क्षेत्र के पुरानी नुमाइश मैदान में आयोजित रामलीला के लिए करीब 60 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया जा रहा है जिसका आज दहन किया जाएगा खास बात यह है कि पुतले का निर्माण मुस्लिम कारीगर कर रहे हैं, जो हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश कर रहे हैं।
जालौन जिले से आए तीन से चार कारीगर बांस, कागज और बोरियों की मदद से पुतले को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इसे तैयार करने में करीब 80 हजार से एक लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। दशहरे के दिन दोपहर 12 बजे तक पुतला तैयार होने की उम्मीद है। कारीगर अफसर ने बताया कि उनके परिवार की चौथी पीढ़ी रावण के पुतले बनाने का काम कर रही है। औरैया में उन्हें हमेशा प्यार और सम्मान मिला है। दशहरे पर रावण के पुतले और मोहर्रम में ताजिए बनाने का काम भी करते हैं।
रामलीला कमेटी के कोषाध्यक्ष अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि जालौन के मुस्लिम कारीगर वर्षों से यहां पुतला बनाते आ रहे हैं। रामलीला में आयोजित धनुष यज्ञ में मुस्लिम समाज के लोग भी शामिल होते हैं, जो आपसी भाईचारे का प्रतीक है।
कमेटी सदस्य गोपाल जी दुबे ने कहा कि कारीगर अपने पिता और बाबा के समय से इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उनकी शानदार कारीगरी ऐतिहासिक रावण दहन का अहम हिस्सा है। औरैया में सभी धर्मों के लोग प्रेम और सद्भाव के साथ रहते हैं।
इस मौके पर बबलू दुबे, अमर मिश्रा, पिंटू अग्निहोत्री, राणा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


