रेड जोन से आ रहे प्रवासियों की बॉर्डर पर होनी चाहिए जांच- उच्च न्यायालय

नैनीताल (उत्तराखंड) से गंगेश कुमार की रिपोर्ट।

नैनीताल। हाईकोर्ट ने उत्तराखंड आ रहे प्रवासियों की जांच बॉर्डर पर ही करने व मेडिकल स्टाफ को पीपीई किट सहित अन्य सुविधाएं मुहैया कराने संबंधित दो जनहित याचिकाओं की एक साथ सुनवाई की। हाईकोर्ट ने रेड जोन से उत्तराखंड लौट रहे प्रवासियों को राज्य की सीमा पर ही संस्थागत क्वॉरेंटाइन करने व कोरोना जांच करने के आदेश उत्तराखंड सरकार को दिए हैं।
कोर्ट ने कहा कि प्रदेश में लौट रहे प्रवासी में यदि करोना के लक्षण पाए जाते है तो उन्हें बॉर्डर पर ही 1 सप्ताह तक संस्थागत क्वॉरेंटाइन किया जाए। नेगेटिव रिपोर्ट आने पर ही उन्हें आगे जाने दिया जाए।
बुधवार को न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया व न्यायमूर्ति रविंद्र मैथानी की खंडपीठ में हरिद्वार निवासी सच्चिदानंद डबराल व नैनीताल के अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई, जनहित याचिका में कहा गया है कि उत्तराखंड में आने वाले प्रवासियों की कोरोना संक्रमण की जांच बॉर्डर पर ही की जाए। याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य स्टैंडिंग काउंसिल परेश त्रिपाठी ने कोर्ट को बताया कि सरकार की ओर से कोविड-19 के मरीजों के लिए अधिकृत अस्पतालों में आईसीयू वेंटीलेटर संचालित कर दिए गए हैं।अन्य जगह भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य सचिव नितेश कुमार झा और महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ अमिता उप्रेती भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश हुई। खंडपीठ ने मामले में अगली सुनवाई 2 जून के लिए निर्धारित कर दी।

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