लखनऊ/मीरजापुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विंध्य मंडल के विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मीरजापुर, सोनभद्र और भदोही जनपदों की सभी प्रस्तावित सड़क एवं पुल परियोजनाओं के विस्तृत प्राक्कलन तैयार कर 15 जुलाई तक शासन को भेजे जाएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी पात्र परियोजनाओं को 15 जुलाई तक स्वीकृति प्रदान कर 15 अगस्त तक निर्माण कार्यों के लिए धनराशि जारी कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री मीरजापुर में आयोजित समीक्षा बैठक में विंध्य मंडल के तीनों जिलों में लोक निर्माण विभाग की चल रही परियोजनाओं तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तावित नई सड़क एवं सेतु योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के सांसदों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराएं, ताकि विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जा सके।
उन्होंने दोहराया कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं होगी।
बैठक में रेलवे अंडरपासों में जलभराव की समस्या भी प्रमुखता से उठाई गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए रेल मंत्रालय के साथ समन्वय स्थापित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने मीरजापुर नगर की प्रमुख सड़कों के साथ माँ विंध्यवासिनी देवी मंदिर, अष्टभुजा मंदिर और कालीखोह मंदिर को जोड़ने वाले मार्गों को स्मार्ट रोड के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन मार्गों पर साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने पर बल दिया, ताकि विंध्य धाम आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने कहा कि विंध्य धाम प्रदेश की प्रमुख आस्था स्थली है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए विकास कार्य पूरे करें।
बैठक के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने छह महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। इसके अलावा मीरजापुर, सोनभद्र और भदोही के जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित सड़क, राज्य राजमार्ग, जिला मार्ग, ग्रामीण संपर्क मार्ग, लघु एवं दीर्घ सेतु, बाईपास, हेलीपैड, सड़क सुरक्षा और धार्मिक मार्गों से जुड़े विभिन्न प्रस्ताव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने सभी प्रस्तावों की प्राथमिकता और उपयोगिता के आधार पर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव लोक निर्माण अजय चौहान ने बताया कि विंध्य मंडल में विभाग की 1,904 विकास परियोजनाएं संचालित हैं। इनमें 775 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष पर तेजी से कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि 80 प्रतिशत से अधिक प्रगति वाली सभी परियोजनाओं को 31 जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने माँ विंध्यवासिनी देवी धाम में दर्शन-पूजन किया, विंध्य कॉरिडोर का निरीक्षण किया तथा श्रद्धालुओं को पौधे वितरित किए। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं द्वारा तैयार ‘विंध्य ब्रांड’ के उत्पादों का अवलोकन किया और कॉरिडोर में मौजूद बच्चों को चॉकलेट वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
बैठक में प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल, समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव गोंड, लोक निर्माण राज्यमंत्री बृजेश सिंह, जनप्रतिनिधि तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।