रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। उत्तर प्रदेश गौ-सेवा आयोग के माननीय सदस्य श्री रमाकांत उपाध्याय जी ने राल स्थित ब्रह्मऋषि श्री देवराह बाबा गो-आश्रय स्थल, वृंदावन स्थित मदन गोपाल गौशाला तथा इस्कॉन गौशाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौशाला में संचालित व्यवस्थाओं, रख-रखाव और गौवंशों की देखभाल की स्थिति का गहनता से जायजा लिया।



माननीय सदस्य ने गर्मी तथा आगामी वर्षा/बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए गौवंश को लू/गर्मी से बचाव के उपायों तथा वर्षा के दौरान विभिन्न बीमारियों से बचाव हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने शेड की स्थिति, स्वच्छता, पेयजल, हरा-चारा, भूसा भंडारण और पोषण की उपलब्धता की जानकारी ली।
माननीय सदस्य जी ने राल स्थित ब्रह्मऋषि श्री देवराह बाबा गो-आश्रय स्थल में लगभग 10 एकड़ में लगाई नैपियर का अवलोकन किया।
उन्होंने बताया कि गौशाला परिसर में केंचुआ खाद बनाना शुरु किया गया है। उन्होंने बताया कि गौशाला में गौ उत्पाद केंद्र स्थापित है, जिसमें विभिन्न गौ उत्पाद बन रहे है, जैसे धूपबत्ती, साबुन, फेसवॉश, दीपक, घी, फिनायल आदि।
निरीक्षण के दौरान मौजूद कर्मचारियों से गौवंशों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और बीमार पशुओं के उपचार की व्यवस्था के बारे में भी पूछताछ की गई। उन्होंने गौशाला प्रबन्धकों को और अधिक हरा-चारा हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि गौवंशों को अधिक मात्रा में हरा-चारा मिले।
श्री रमाकांत उपाध्याय ने गौशाला प्रबंधन को निर्देशित किया कि वर्षा से बचाव के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि गौवंश की सेवा और संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के अंत में उन्होंने व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए तथा संतोषजनक कार्य करने वाले कर्मचारियों की सराहना भी की।