मथुरा के 663 परिषदीय विद्यालय डेस्क-बेंच से हुए शत-प्रतिशत संतृप्त, 101 ‘लाडली वन’ अभियान का शुभारंभ।

Vijaydoot News

मथुरा। पाञ्चजन्य प्रेक्षागृह में शनिवार को जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों के परिषदीय विद्यालयों में डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने तथा वृहद वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत 101 ‘लाडली वन’ (मियावाकी पद्धति) की स्थापना को लेकर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का विषय “सपनों की नई उड़ान, स्कूलों का नया सवेरा” एवं “आओ लौटाएं ब्रज की हरियाली” रखा गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सांसद श्रीमती हेमा मालिनी रहीं, जबकि विधायक बल्देव पूरन प्रकाश एवं विधायक मांट राजेश चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सांसद, विधायकों, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जिलाधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

इस अवसर पर बताया गया कि जनपद के 663 असंतृप्त परिषदीय विद्यालयों में 14,060 डेस्क-बेंच उपलब्ध कराकर उन्हें शत-प्रतिशत संतृप्त किया गया है, जिससे 57,328 विद्यार्थियों को लाभ मिला है। कार्यक्रम में पंचायती राज विभाग एवं बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा फर्नीचर आपूर्ति तथा 101 ग्राम पंचायतों में मियावाकी पद्धति से विकसित किए गए ‘लाडली वन’ पर आधारित लघु फिल्मों का भी प्रदर्शन किया गया। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को आकर्षक बनाया।

सांसद हेमा मालिनी ने अपने संबोधन में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान बच्चों को समान अवसर और सम्मानजनक वातावरण में शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बेहतर सुविधाओं से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा 101 लाडली वन ब्रज क्षेत्र को हरित बनाने और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने पंचायती राज एवं बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के आह्वान पर “एक पेड़ माँ के नाम” तथा “वृक्षारोपण महाभियान-2026” के अंतर्गत 101 ग्राम पंचायतों में मियावाकी पद्धति से लाडली वन विकसित किए गए हैं। उन्होंने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, वृक्ष लगाओ” का संदेश देते हुए सभी से अधिक से अधिक पौधरोपण करने का आह्वान किया। साथ ही भविष्य में जनपद की सभी 495 ग्राम पंचायतों में लाडली वन विकसित करने का लक्ष्य भी रखा।

जिलाधिकारी ने मियावाकी पद्धति की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह जापानी तकनीक कम स्थान में देशी प्रजातियों के पौधों का सघन रोपण कर कम समय में घना वन विकसित करने में सक्षम है। इससे जैव विविधता का संरक्षण, भूजल संवर्धन, वायु गुणवत्ता में सुधार तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में सहायता मिलती है।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता ने जनपद के नवाचारों की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी के निर्देशों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू करने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में गोवर्धन विकासखंड की ग्राम पंचायत अडींग एवं सोसा स्थित ज्ञान ज्योतिरू डिजिटल लाइब्रेरी से अध्ययन कर उपनिरीक्षक पद पर चयनित युवाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा मियावाकी पद्धति से लाडली वन विकसित करने वाले 10 प्रशासकों एवं 10 सचिवों, परिषदीय विद्यालयों में उत्कृष्ट फर्नीचर उपलब्ध कराने वाले 10 प्रशासकों एवं 10 सचिवों तथा तीन-तीन सहायक विकास अधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों एवं खंड शिक्षा अधिकारियों को भी उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के समापन पर लाडली वन से संबंधित स्मृति चिन्ह सांसद, विधायकों, जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को भेंट किए गए। इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि जनार्दन शर्मा, डीएफओ वेंकट श्रीकर पटेल, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) डॉ. अमरेश कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए अरुण कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी गरिमा खरे, जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल, बीएसए रतन कीर्ति, जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।

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