लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शासन में जितनी अधिक शुचिता, पारदर्शिता और ईमानदारी होगी, उतने ही प्रभावी ढंग से सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकेगा। भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई और शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुशासन की मजबूत आधारशिला है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को लखनऊ में लोक आयुक्त संगठन, उत्तर प्रदेश के 50वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में शामिल हुए। उन्होंने लोक आयुक्त संगठन की पांच दशक लंबी यात्रा को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए संगठन से जुड़े सभी अधिकारियों, विधि अधिकारियों और युवा विधि छात्रों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं विधि-सम्मत अन्वेषण के लिए लोक आयुक्त संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और कानून के अनुरूप कार्य करना आवश्यक है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोक आयुक्त प्रशासन की स्मारिका एवं सूचना पुस्तिका का विमोचन भी किया। उन्होंने संगठन की 50 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को रेखांकित करते हुए कहा कि लोक आयुक्त संस्था ने भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों के निस्तारण और प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन और प्रशासन में ईमानदारी तथा पारदर्शिता को मजबूत करना सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रभावी संस्थागत व्यवस्था के माध्यम से आम नागरिक के विश्वास को मजबूत किया जा सकता है और सुशासन के संकल्प को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान लोक आयुक्त संगठन के अधिकारियों, विधि अधिकारियों एवं अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री ने लोक आयुक्त संगठन की 50 वर्षों की यात्रा के लिए सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को हार्दिक बधाई देते हुए भविष्य के लिए मंगलमय शुभकामनाएं दीं।


