•हिंदी दिवस हमारी सांस्कृतिक विरासत को याद दिलाने के लिए मनाया जाता है: कुलसचिव।
रिपोर्ट:विजय नागपाल।
मथुरा। केएम विश्वविद्यालय में हिन्दी दिवस पखवाड़ा 2026 के उपलक्ष्य में गणेश चतुर्थी पर्व और हिन्दी दिवस पर एक विशेष गोष्ठी का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया।
कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एनसी प्रजापति, कुलसचिव डॉ. पूरन सिंह, परीक्षा नियंत्रक समीक्षा भारद्वाज, डिप्टी रजिस्ट्रार सुनील अग्रवाल, पशु चिकित्सालय के डीन अजय प्रकाश तथा प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इसके पश्चात डॉ. अनीता चौधरी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जबकि मंच का संचालन विजय कुमार एवं लॉ की छात्रा कुमारी यतीका ने संयुक्त रूप से किया।
समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं ने कविता-पाठ, भाषण, लोक नृत्य और नुक्कड़ नाटक जैसी प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा, कला और भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक पेश की। विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि हिंदी केवल संवाद का जरिया नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, भावनाओं और राष्ट्रीय गौरव की पहचान है।
कुलपति डॉ. एनसी प्रजापति ने कहा हिंदी हिंदुस्तान की पहचान है। आधुनिक युग में अंग्रेजी सीखना जरूरी है, लेकिन हमें अपनी मातृभाषा को कभी नहीं भूलना चाहिए। हमें हिन्दी है हम, वतन है हिन्दुस्तान हमारा के नारे का सम्मान करना चाहिए।
कुलसचिव डॉ. पूरन सिंह ने युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देते हुए कहा कि हिंदी दिवस हमारी सांस्कृतिक विरासत को याद दिलाने और नई पीढ़ी के बीच इसे बढ़ावा देने का माध्यम है।
परीक्षा नियंत्रक समीक्षा भारद्वाज व डिप्टी रजिस्ट्रार सुनील अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा के साथ अपनी भाषा और संस्कारों का विकास करना भी बेहद आवश्यक है।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी विजेता छात्र-छात्राओं को कुलपति एवं कुलसचिव द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान के.एम. यूनिवर्सिटी परिवार ने सभी से हिंदी को अपनाने और राष्ट्र की संस्कृति को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
समारोह में सहायक रजिस्ट्रार अनिल चतुर्वेदी, शोभित श्रीवास्तव, विवेक सक्सेना, डॉ. प्रशांत कुमार, अनंत कुमार, रोहित तिवारी, डॉ. दिनेश सिंह, हरिओम, योगेन्द्र सिंह और डॉ. अमित कुमार सहित विभिन्न संकायों के डीन, प्रोफेसर एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन जलपान के साथ हुआ।


•हिंदी दिवस हमारी सांस्कृतिक विरासत को याद दिलाने के लिए मनाया जाता है: कुलसचिव।