•मीरजापुर साइबर क्राइम पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन किया बरामद
मनोज अग्रहरि।
मीरजापुर। सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रलोभन देकर भोले-भाले लोगों के बैंक खाते, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज लेकर उनका साइबर ठगी में इस्तेमाल करने के मामले में मीरजापुर साइबर क्राइम पुलिस ने एक आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त सैमसंग गैलेक्सी एस23 अल्ट्रा मोबाइल फोन भी बरामद किया है। आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, 4 अक्टूबर 2026 को सुशान्त विश्वकर्मा पुत्र लल्लन, निवासी पक्की सराय, तुले बाबा की गली, थाना कोतवाली शहर, मीरजापुर ने साइबर क्राइम पुलिस थाने में प्रार्थनापत्र देकर शिकायत की थी कि सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों से बैंक खाते, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड सहित अन्य दस्तावेज प्राप्त कर उनका साइबर ठगी में इस्तेमाल किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस थाना मीरजापुर में मुकदमा अपराध संख्या 12/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66सी और 66डी में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से सामने आया आरोपी का नाम
पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन राजकुमार मीणा, अपर पुलिस अधीक्षक नगर योगेन्द्र सिंह और क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन मो. फहीम कुरैशी के नेतृत्व में साइबर क्राइम पुलिस थाना के प्रभारी निरीक्षक राम नारायण राम ने मामले की जांच शुरू की। विवेचना के दौरान इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की समीक्षा में दिल्ली के मुखर्जी नगर निवासी किस्मत सिंह पुत्र स्वर्गीय मेहर सिंह का नाम सामने आया।
दिल्ली में दबिश देकर की गई गिरफ्तारी
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए मीरजापुर साइबर क्राइम पुलिस की टीम 6 अक्टूबर 2026 को दिल्ली रवाना हुई। पुलिस टीम ने आरोपी किस्मत सिंह को उसके घर के पास से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया सैमसंग गैलेक्सी एस23 अल्ट्रा मोबाइल फोन बरामद हुआ।
पुलिस के अनुसार, आरोपी से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी कर उसे मीरजापुर लाया गया। इसके बाद नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया।


