•खाद्य सुरक्षा में एआई और मशीन लर्निंग आधारित शोध प्रस्तुत किया, तकनीकी सत्र की अध्यक्षता भी की
रिपोर्ट: संजय त्रिपाठी।
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु के प्राणि विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव को खाद्य एवं पोषण के क्षेत्र में उनके शोधकार्य के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। 14 अक्टूबर को नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा में जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी), भारत सरकार के प्रायोजन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ।
सम्मेलन में आमंत्रित वक्ता के रूप में उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग के माध्यम से मछलियों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने से संबंधित अपना शोध प्रस्तुत किया तथा एक तकनीकी सत्र की अध्यक्षता भी की।
सम्मेलन में यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, दक्षिण कोरिया, नाइजीरिया, फ्रांस और इटली सहित विभिन्न देशों के विशेषज्ञों ने सहभागिता की। डॉ. श्रीवास्तव ने मछलियों में पारा, सीसा, कैडमियम जैसी हानिकारक भारी धातुओं के संभावित संदूषण की पहचान के लिए एआई और मशीन लर्निंग आधारित उपकरण के विकास से संबंधित अपने शोधकार्य को प्रस्तुत किया। मछली पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत है, लेकिन प्रदूषण के कारण उसमें भारी धातुओं का संचय मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। ऐसे में आधुनिक तकनीक आधारित पहचान प्रणालियां खाद्य गुणवत्ता की निगरानी, सुरक्षित मत्स्य उत्पादों की उपलब्धता और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य संरक्षण में उपयोगी सिद्ध हो सकती हैं।
डॉ. श्रीवास्तव का शोधकार्य प्राणि विज्ञान को आधुनिक डेटा-आधारित तकनीकों से जोड़ते हुए समकालीन वैज्ञानिक चुनौतियों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण संभावनाएं प्रस्तुत करता है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के लिए यह उपलब्धि गौरव का विषय है। विश्वविद्यालय के शिक्षकों की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक मंचों पर सक्रिय भागीदारी से संस्थान की शैक्षणिक और शोधगत पहचान को मजबूती मिलती है।
डॉ. श्रीवास्तव को प्राप्त सम्मान और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उनकी अकादमिक भूमिका विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान, नवाचार तथा समकालीन वैज्ञानिक चुनौतियों पर कार्य करने की दिशा में सकारात्मक उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।


