अलीगढ़। मंगलायतन विश्वविद्यालय में इंजीनियर्स डे के अवसर पर इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग तथा सिविल इंजीनियरिंग विभागों के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस दौरान ‘इनोवेटिव इंजीनियरिंग फॉर अ सस्टेनेबल एंड स्मार्ट फ्यूचर’ विषय पर सेमिनार तथा पोस्टर प्रस्तुति आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नवाचार, सतत विकास और उभरती इंजीनियरिंग तकनीकों के प्रति जागरूक करना रहा।
कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने कहा कि एम. विश्वेश्वरैया दूरदर्शी, सजग और विश्लेषणात्मक सोच रखने वाले महान इंजीनियर थे। इंजीनियरिंग का अर्थ केवल औजारों से काम करना या कंप्यूटर पर लगातार काम करना नहीं है। इंजीनियरिंग एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें हम अपने मस्तिष्क को सक्रिय कर भविष्य को समझते, बनाते और आकार देते हैं। उन्होंने कहा कि इंजीनियर भविष्य का विश्लेषण करने के साथ-साथ भविष्य का निर्माण और पुनर्निर्माण भी करता है। इंजीनियरिंग की शाखाओं का ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज और मानव जीवन को समझना भी आवश्यक है।
कुलसचिव कमांडर मनोज के. ने कहा कि इंजीनियरिंग केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता का विकास भी जरूरी है। उन्होंने करियर टू लीडरशिप: द रोडमैप फॉर प्रोफेशनल एक्सीलेंस इन इंजीनियरिंग विषय पर विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए महान इंजीनियर एम. विश्वेश्वरैया के जीवन से सीख लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जीवन में हमेशा कुछ नया सीखने का जज्बा होना चाहिए। विद्यार्थियों को स्वयं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना सीखना चाहिए।
चीफ इंजीनियर प्रो. महेश कुमार ने कहा कि आज इंजीनियरिंग का लक्ष्य ऐसी तकनीक विकसित करना है जो तेज, किफायती और अधिक टिकाऊ हो। उन्होंने सर एम. विश्वेश्वरैया के जीवन और कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी इंजीनियरिंग समाज की वास्तविक जरूरतों से जुड़ी थी।
स्वागत भाषण फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के निदेशक प्रो. राजेश कुमार उपाध्याय ने देते हुए इंजीनियर की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का आयोजन मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डा. श्वेता भारद्वाज व सिविल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष राजकिरण सिंह के मार्गदर्शन में हुआ।
इस अवसर पर डीन एकेडमिक प्रो. अम्बरीश शर्मा, डा. लव मित्तल, डा. सत्यजीत, डा. विवेक सिंह, शिवम उपाध्याय, वंदना कुशवाहा, गौरव शर्मा, विष्णु कुमार आदि उपस्थित रहे।
वहीं पोस्टर प्रस्तुति में विद्यार्थियों ने स्मार्ट सिटी, ऊर्जा प्रबंधन और आधुनिक इंजीनियरिंग से जुड़े अभिनव विचार प्रस्तुत किए। निर्णायक मंडल में प्रो. राजीव शर्मा, प्रो. किशनपाल सिंह एवं डा. सोनी सिंह शामिल रहे। उन्होंने फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
प्रतियोगिता में ग्रुप जी3 ने प्रथम स्थान, ग्रुप जी2 ने द्वितीय स्थान एवं ग्रुप जी26 ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को अपने तकनीकी एवं रचनात्मक विचार प्रस्तुत करने का मंच प्रदान किया।


