रिपोर्ट: मनोज अग्रहरि।
मीरजापुर। नवमी के दिन विन्ध्य महोत्सव के मंच पर जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार व पुलिस अधीक्षक अपर्ण रजत कौशिक ने शारदीय नवरात्र में लगाये गये सेक्टर/जोनल मजिस्ट्रेटों, सेक्टर व जोनल अधिकारियों, पुलिस अधिकारी, सफाई कर्मचारी, गोताखोर एवं सम्बन्धित विभाग के लगाये गये अधिकारियों को मेला सकुशल सम्पन्न कराने पर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया गया है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने कहा कि शारदीय नवरात्र मेला को सकुशल सम्पन्न कराना हम सभी के लिए सामूहिक जिम्मेदारी और सेवा का महत्वपूर्ण अवसर था। मां विन्ध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए देश व विदेश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु विन्ध्याचल पहुंचे। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करना, उन्हें सुगम एवं सुरक्षित दर्शन उपलब्ध कराना तथा मेला क्षेत्र में शांति, स्वच्छता और व्यवस्थाओं को बनाए रखना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था।
जनपद व गैर जनपद के सभी अधिकारियों ने आपसी समन्वय, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया, जिसके परिणामस्वरूप मेला व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने में सफलता मिली।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन की सफलता के पीछे अनेक विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सामूहिक परिश्रम, समर्पण और बेहतर तालमेल होता है।
मेला क्षेत्र में तैनात सेक्टर एवं जोनल मजिस्ट्रेटों, सेक्टर एवं जोनल अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों तथा पुलिस कर्मियों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वहीं सफाई कर्मचारियों ने मेला क्षेत्र को स्वच्छ बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य किया तथा गोताखोरों ने जल क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अपना योगदान दिया। इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन किया।
उन्होंने कहा कि मेला ड्यूटी के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दिन-रात मेहनत कर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया। भीड़ के दबाव के बीच संयम बनाए रखना, श्रद्धालुओं की समस्याओं का त्वरित समाधान करना, बुजुर्गों, महिलाओं एवं बच्चों की सुविधा का ध्यान रखना और आपात परिस्थितियों में तत्परता से कार्य करना प्रशासन की संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि जनसेवा केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि जनविश्वास अर्जित करने का माध्यम भी है। जब सभी विभाग एक टीम के रूप में कार्य करते हैं, तो बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना भी प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से सफाई कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों, गोताखोरों तथा उन सभी कार्मिकों के योगदान की सराहना की, जो अक्सर पर्दे के पीछे रहकर व्यवस्थाओं को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कर्मचारी का योगदान महत्वपूर्ण है और किसी भी आयोजन की सफलता में सभी की सहभागिता समान रूप से आवश्यक होती है।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने भी मेला ड्यूटी में लगे पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित सभी संबंधित कार्मिकों के कार्यों की सराहना की तथा भविष्य में भी इसी प्रकार समन्वय, सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान मेला व्यवस्था में योगदान देने वाले सभी कार्मिकों के मनोबल को बढ़ाने तथा भविष्य में और अधिक निष्ठा एवं उत्साह के साथ जनसेवा करने के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रही।
मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ0 कीर्ति कुमार मिश्र, नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार, उप जिला मजिस्ट्रेट/प्रभारी अधिकारी पर्यटन जूही प्रसाद एवं सेक्टर, जोनल, पुलिस अधिकारी, सम्मानित होने वाले कर्मचारी उपस्थित रहे।


