•1140 किलोमीटर नहरों-रजवाहों से निकलेगी सिल्ट, क्षतिग्रस्त पटरियों की होगी मरम्मत।
मथुरा। किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सिंचाई विभाग ने नहरों और रजवाहों की सिल्ट सफाई का काम शुरू करा दिया है। शासन से इसके लिए 5.20 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
विभाग करीब 1140 किलोमीटर लंबाई में नहरों और रजवाहों की सफाई के साथ क्षतिग्रस्त पटरियों की मरम्मत करा रहा है। विभाग ने ठेकेदारों को 15 नवंबर तक काम पूरा करने की समय सीमा दी है।
अधिकारियों के अनुसार, कार्यों के पारदर्शी-सुचारु संचालन के लिए कुल 2,920 मस्टर रोल जनरेट किए गए हैं।
*चार डिवीजनों को सौंपी जिम्मेदारी*
सिल्ट सफाई और मरम्मत का काम चार डिवीजनों के माध्यम से कराया जा रहा है। इसमें अपर मांड, निचली मांड, खारी और एलपीसी आगरा डिवीजन शामिल हैं। संबंधित क्षेत्रों में नहरों और रजवाहों की सफाई की जिम्मेदारी इन डिवीजनों को सौंपी गई है। कार्यों की निगरानी के लिए सहायक अभियंताओं और अवर अभियंताओं को लगाया गया है।
अपर खंड आगरा नहर के अधिशासी अभियंता नवीन कुमार ने बताया कि नहरों में जमा सिल्ट हटाकर हेड से टेल तक पानी का प्रवाह सुचारु बनाने का प्रयास किया जा रहा है। सिल्ट जमा होने और पटरियां क्षतिग्रस्त होने से पानी के बहाव में बाधा आती है। इसे देखते हुए सफाई और मरम्मत दोनों कार्य कराए जा रहे हैं, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके।
उन्होंने बताया कि विभाग का लक्ष्य निर्धारित समयसीमा में सफाई और मरम्मत का काम पूरा कर नहरों में पानी का प्रवाह बेहतर बनाना है। इससे किसानों को खेतों की सिंचाई में सुविधा मिलेगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, काम पूरा होने के बाद नहरों में पानी छोड़ने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे रबी की फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को राहत मिल सकेगी।


