रिपोर्ट: राहुल मिश्रा।
मिश्रिख (सीतापुर)। गड़रिया और पाल जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने तथा जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर मिश्रिख तहसील में हुए प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। तहसील प्रशासन की तहरीर पर भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष डॉ. अजय पाल, धर्मेंद्र धनगर, अनुराग उर्फ मुलायम समेत 400 से 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
तहरीर के मुताबिक, तीन से चार हजार की भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़कर तहसील परिसर में प्रवेश किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की, नारेबाजी और गमले, दरवाजे, मेज-कुर्सियों में तोड़फोड़ कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप है। हंगामे के कारण तहसील का कामकाज भी प्रभावित रहा। प्रशासन ने इसे निषेधाज्ञा का उल्लंघन बताया है।
प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और शांति व्यवस्था भंग करने समेत दस धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
उधर, मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने पर बुधवार को डॉ. अजय पाल समर्थकों के साथ कल्ली चौराहे पहुंचे। यहां आत्मदाह करने और पैदल लखनऊ जाने की बात कहने पर पुलिस उन्हें और चार-पांच अन्य लोगों को कोतवाली ले आई। बाद में एसडीएम दीपक कुमार गुप्ता और सीओ विशाल गुप्ता ने उनसे बातचीत की।


