•डिजिटल सुरक्षा, एआई और ‘कवच’ तकनीक पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
विजयदूत न्यूज़ ब्यूरो।
गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के सिगनल एवं दूरसंचार विभाग द्वारा सोमवार को ‘विश्व दूरसंचार एवं सूचना समाज दिवस-2026’ के अवसर पर गोरखपुर स्थित विभागीय सभा कक्ष ‘मंथन’ में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “डिजिटल लाइफलाइन्सः एक जुड़ी हुई दुनिया में लचीलेपन को सुदृढ़ बनाना” रहा।
संगोष्ठी का शुभारंभ प्रमुख मुख्य सिगनल एवं दूर संचार इंजीनियर मुरारी लाल मकवाना के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम में मुख्य सिगनल इंजीनियर सौरभ श्रीवास्तव, मुख्य संचार इंजीनियर विराट गुप्ता, आईटीएम गीडा के निदेशक, एफआईई एवं आईईआई गोरखपुर स्थानीय केंद्र के अध्यक्ष डॉ. एन.के. सिंह सहित विभागीय अधिकारी एवं पर्यवेक्षक मौजूद रहे।
संगोष्ठी में वक्ताओं ने दैनिक जीवन में दूरसंचार की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सेवाओं की रीढ़ दूरसंचार प्रणाली है। इस दौरान साइबर अटैक, आपदा प्रबंधन, डेटा सेंटर, क्लाउड कम्प्यूटिंग तथा डिजिटल सुरक्षा से जुड़े ‘क्या करें और क्या न करें’ विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और 6जी तकनीक के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य संचार इंजीनियर विराट गुप्ता ने रेलवे में दूरसंचार के आधुनिक प्रयोगों, विशेष रूप से ‘कवच’ प्रणाली पर पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। उन्होंने रेल संरक्षा में ‘कवच’ तकनीक की उपयोगिता तथा रेलवे नेटवर्क में एआई आधारित तकनीकों के इस्तेमाल की जानकारी दी।
इसके अलावा मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर राकेश कुमार ने भी तकनीकी विषयों पर प्रस्तुति देकर प्रतिभागियों को जानकारी प्रदान की।
