लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उसके दो कार्यकाल बिना किसी ठोस उपलब्धि के समाप्ति की ओर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार के नए रिकॉर्ड कायम किए हैं, जबकि किसान, नौजवान, महिलाएं और आम जनता विभिन्न समस्याओं से जूझ रही है।
शुक्रवार को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में किसानों की फसलों की लूट हो रही है और नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाएं उपेक्षा और अपमान का सामना कर रही हैं, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों की हालत खराब हो चुकी है और हजारों स्कूलों में प्रवेश शून्य हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को समुचित दवा और उपचार नहीं मिल पा रहा, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
भाजपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में सरकारी जमीनों पर कब्जे हो रहे हैं और भूमाफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक राजनीतिक दल की तरह नहीं, बल्कि एक संगठित समूह की तरह कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव उत्तर प्रदेश की जनता के भविष्य का चुनाव होगा और भाजपा को बीते दो दशकों का हिसाब देना पड़ेगा। अखिलेश यादव ने दावा किया कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार से नाराज है और आगामी चुनाव में उसे सत्ता से बाहर कर देगी।
सपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा समाजवादी पार्टी को बदनाम करने के लिए विभिन्न रणनीतियां अपनाएगी, लेकिन इस बार उसकी कोई चाल सफल नहीं होगी। उन्होंने दावा किया कि जनता भाजपा के कुशासन से परेशान है और पूरा पीडीए समाज समाजवादी पार्टी के साथ खड़ा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी विकास की राजनीति में विश्वास रखती है और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का काम करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सामाजिक न्याय और आरक्षण विरोधी नीतियों पर काम कर रही है तथा पीडीए समाज के अधिकारों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण की रक्षा के लिए प्रदेश की जनता वर्ष 2027 के चुनाव का इंतजार कर रही है।
