कुदरहा (बस्ती)। कुदरहा विकास क्षेत्र के जिभियांव ईदगाह में बृहस्पतिवार सुबह ठीक 7:00 बजे ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज पूरे हर्षोल्लास और अकीदत (आस्था) के साथ अदा की गई। मौलाना मेराज अहमद ने बड़ी संख्या में मौजूद नमाजियों को नमाज मुकम्मल कराई।
अपने संबोधन में मौलाना ने कहा कि जानवर की कुर्बानी देने से पहले इंसान को अपने अंदर छिपी बुराइयों जैसे झूठ, चोरी और बेईमानी की कुर्बानी देनी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि आज पूरी दुनिया हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम और उनके पुत्र हजरत इस्माइल की सुन्नत (परंपरा) को याद कर रही है।
नमाज के बाद मुल्क और समाज की तरक्की, अमन-चैन और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। इसके बाद अकीदतमंदों ने सुन्नत-ए-इब्राहिमी पर अमल करते हुए कुर्बानी पेश की और एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।
इन गांवों के ग्रामीण रहे मौजूद
जिभियांव ईदगाह में कुदरहा, जमालपुर, परेवा, परमेश्वरपुर, उजियानपुर, परसाँव और चिलवनिया सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। इसके अलावा नगर पंचायत गायघाट, गाना, जनवल, चरकैला, गोसैसीपुर और लालगंज के ईदगाहों में भी शांतिपूर्ण माहौल में नमाज संपन्न हुई। त्योहार के मद्देनजर पुलिस प्रशासन सभी ईदगाहों और संवेदनशील चौराहों पर पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।