👉स्वास्थ्य योजनाओं/कार्यक्रमों के संचालन एवं आउटपुट की सतर्क मॉनीटरिंग के दिये गये निर्देश।
के के मिश्रा संवाददाता।
संत कबीर नगर। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई।
जिलाधिकारी द्वारा बैठक में जिला स्तर पर विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों, स्वास्थ्य संकेतकों की अद्यतन स्थिति एवं प्रगति पर बिंदुवार समीक्षा की गयी। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा एजेंडा बिंदु सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति एवं लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति से अगवत कराया गया।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ एवं चिकित्सा सहित सम्बंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में कदापि लापरवाही न बरती जाए, बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का रूटीन टीकाकरण, बच्चों में कुपोषण के स्थिति की जांच आदि की विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए।
बैठक में जिला स्वास्थ्य समिति(शासी निकाय) के पिछली बैठक में दिये गये निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की गयी।
बैठक में वर्तमान समय में हीट वेव/लू से बचाव के दृष्टिगत जिलाधिकारी द्वारा समस्त चिकित्साधिकारियों को आवश्यक संसाधनों, दवाओं आदि की उपलब्धता सुनिश्चित रखने हेतु निर्देशित किया गया।
जनपद में संस्थागत प्रसव का आंकड़ा घटने पर जिलाधिकारी द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया गया शत प्रतिशत प्राइवेट एवं घरेलू प्रसव की ट्रैकिंग करायें एवं संस्थागत प्रसव बढ़ाये जाने हेतु प्रभावी रणनीति बनायें। जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत लाभार्थी भुगतान शत प्रतिशत किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
बाल मृत्यु की रिपोर्टिंग एमपीसी डीएसआर पोर्टल पर कम होने के कारण जिलाधिाकारी द्वारा नाराजगी व्यक्त की गई तथा बघौली, बेलहरकला, नाथनगर, मेंहदावल, सांथा व पौली के बीसीपीएम को स्पष्टीकरण जारी करने हेतु निर्देशित किया गया।
समीक्षा के दौरान एचबीएनसी एवं एचबीवाईसी कार्यक्रम में मेंहदावल एवं सांथा ब्लॉक की उपलब्धि कम होने के कारण जिलाधिकारी ने संबंधित अधीक्षक को प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना के व्यवस्थित संचालन, ग्रामीण स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कार्यकत्रियों जैसे-आशा एवं ए0एन0एम0 की कार्य प्रणाली, संस्थागत प्रसव, आभा आई0डी0, आशाओं का भुगतान आदि से सम्बंधित समस्त चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित जितनी भी सेवाओं/योजनाओं का संबंध ग्रामीण स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कार्यकत्रियों (आशा/एएनएम) से है उसकी समीक्षा अनिवार्य रूप से सम्बंधित चिकित्साधिकारीगण एक-एक आशा/एएनएम के सापेक्ष सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं/कार्यक्रमों के संचालन एवं आउटपुट की सतर्क मॉनीटरिंग भी की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी चिकित्साधिकारी अपने चिकित्सालयों में मरीजों के उचित देखभाल से संबंधित बेसिक सुविधाओं जैसे-बैठने की व्यवस्था, पानी, शौचालय, व्हीलचेयर सहित अन्य चिकित्सीय उपकरणों आदि के सुचारू संचालन सुनिश्चित रखें।
जिलाधिकारी द्वारा जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, जिला क्षय रोग समिति, संचारी रोग, रेवीज़ टीकाकरण, स्नेक बाइट वैक्सीन की उपलब्धता, चिकित्सालयों में चिकित्सकों एवं दवाओं की उपलब्धता सहित मरीजों के हित में स्वास्थ्य संबंधित उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं/सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रामानुज कन्नौजिया, सीएमएस डॉ0 रमाशंकर सिंह, एसीएमओ डॉ0 रामरतन, डॉ0 महेन्द्र प्रसाद, डीएमएचसी संगीता, दीनदयाल, सुरजीत सिंह, बृजेश कुमार, स्वास्थ्य संस्थानों के प्रतिनिधि सहित चिकित्सालयों के एम0ओ0आई0सी0 व अन्य सम्बंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।