रावण वध प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु, राम कथा का हुआ समापन।

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बस्ती। सदर ब्लॉक क्षेत्र के भुवनी ग्राम सभा स्थित भुवनी काली मंदिर परिसर में आयोजित नवदिवसीय रामकथा ज्ञान यज्ञ के अंतिम दिन शनिवार को अयोध्या धाम से पधारीं कथा वाचिका पूनम किशोरी जी ने रावण वध प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गए।

कथा वाचिका ने कहा कि रामायण में रावण वध का प्रसंग बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि लंका युद्ध के अंतिम चरण में भगवान श्रीराम के बाणों से रावण के सिर और भुजाएं बार-बार कट जाती थीं, लेकिन वे पुनः उत्पन्न हो जाती थीं। इसका कारण उसकी नाभि में स्थित अमृत था, जिसके कारण उसका वध संभव नहीं हो पा रहा था।

उन्होंने बताया कि रावण के भाई विभीषण ने भगवान राम को उसकी अमरता का रहस्य बताया। विभीषण के मार्गदर्शन पर भगवान राम ने पहले रावण की नाभि में स्थित अमृत को नष्ट करने के लिए विशेष अस्त्र का प्रयोग किया और बाद में ब्रह्मास्त्र का संधान कर रावण का वध किया।

कथा के दौरान पूनम किशोरी जी ने रावण के जीवन से जुड़ी शिक्षाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मृत्यु से पूर्व रावण ने लक्ष्मण को जीवन और राजनीति से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश दिए थे, जिनमें शुभ कार्य में विलंब न करना, शत्रु को कभी कमजोर न समझना तथा अपने गुप्त रहस्यों को किसी के साथ साझा न करना प्रमुख हैं।

रामकथा के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उपस्थित रही। कार्यक्रम में आयोजक धर्मराज गोस्वामी, भाजपा नेता नरेंद्र सिंह, सनी पांडे, लालू यादव, गुड्डू यादव, उमेश यादव, मिथुन, अच्छेलाल, ओमकार यादव, पवन गुप्ता, अनमोल श्रीवास्तव, अनुज यादव, ग्राम प्रधान पति सुदामा यादव, चंद्र प्रकाश गोस्वामी, अरविंद गोस्वामी सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।

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