सहजनवा(गोरखपुर)। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर कराने की मांग को लेकर सोमवार को पंचायत चुनाव संघर्ष समिति के बैनर तले सहजनवा तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में पंचायत प्रतिनिधियों, भावी प्रधान प्रत्याशियों, जिला पंचायत सदस्य पद के संभावित उम्मीदवारों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। इस दौरान लोकतंत्र और पंचायत व्यवस्था के समर्थन में नारेबाजी करते हुए महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसील प्रशासन के माध्यम से सौंपा गया।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त कर पंचायत चुनावों को आगे बढ़ाने का निर्णय लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के विपरीत है। उनका कहना था कि पंचायतें लोकतंत्र की सबसे मजबूत और बुनियादी इकाई हैं तथा इनके चुनाव समय पर कराना आवश्यक है। चुनाव में देरी से न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित होगी, बल्कि ग्रामीण विकास कार्यों की गति भी बाधित हो सकती है।
ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश भर में हजारों संभावित प्रत्याशी कई महीनों से पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटे हुए हैं। चुनावी गतिविधियों में हुए खर्च और लगातार बढ़ती अनिश्चितता के कारण प्रत्याशियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। समिति ने सरकार से चुनाव टालने के बजाय निर्धारित समय पर कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन तथा मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में हुई देरी को आधार बनाकर पंचायत चुनावों को अनिश्चितकाल तक टालना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से सभी आवश्यक औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा कर चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की मांग की, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सके।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष इन्द्रदेव सिंह ने कहा कि पंचायत चुनावों को लेकर प्रदेश सरकार की उदासीनता लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र चुनाव की घोषणा नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन में दिलीप कुमार मौर्य, गब्बूलाल प्रजापति, हरेंद्र यादव, ताज मोहम्मद उर्फ मजनू भाई, राजनाथ राव, धर्मेंद्र कुमार, अजीत यादव, ओम प्रकाश यादव, श्रवण यादव, मनीष चौधरी सहित बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि, संभावित प्रत्याशी और समर्थक उपस्थित रहे।
ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में पंचायत चुनाव 2026 की तिथि जल्द घोषित करने की मांग की। उनका कहना था कि समय पर चुनाव होने से गांवों में लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होगी और विकास कार्यों की रफ्तार बनी रहेगी। संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश स्तर पर व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।