रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा संभावित बाढ़ आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु जनपद की दो तहसीलों (मांट एवं छाता) में चिन्हित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर मेगा बाढ़ मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल का शुभारंभ प्रातः 9 बजे किया गया तथा विभिन्न आपदा परिदृश्यों का सफलतापूर्वक अभ्यास करते हुए इसका समापन सायं 5 बजे किया गया।


मॉक ड्रिल के अंतर्गत तहसील छाता के ग्राम मझोई (देवी माता मंदिर के समीप) तथा तहसील मांट के ग्राम डंगोई खादर/नगला बैसला (यमुना नदी तट क्षेत्र) में बाढ़ संबंधी विभिन्न आपदा परिदृश्यों का यथार्थपरक प्रदर्शन किया गया।
तहसील छाता में बाढ़ के कारण व्यक्ति के डूबने की घटना, बाढ़ के दौरान नाव पलटने की घटना, प्रभावित व्यक्तियों के सुरक्षित रेस्क्यू एवं उन्हें त्वरित चिकित्सा एवं उपचारात्मक सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने का सफल अभ्यास किया गया।
तहसील मांट में बाढ़ के कारण मुख्य मार्ग के अवरुद्ध हो जाने की स्थिति, राहत शिविर की स्थापना एवं संचालन, प्रभावित व्यक्तियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत सामग्री वितरण तथा विभिन्न विभागों के मध्य समन्वित कार्यवाही का प्रदर्शन किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान तहसील छाता में नोडल अधिकारी के रूप में इंसिडेंट कमांडर / उप जिलाधिकारी छाता वैभव गुप्ता द्वारा संपूर्ण गतिविधियों का नेतृत्व किया गया। इसी प्रकार तहसील मांट में सुश्री दीपिका (इंसिडेंट कमांडर) के नेतृत्व में मॉक ड्रिल का संचालन किया गया।
इस अवसर पर जनपद की विभिन्न आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों एवं विभागों द्वारा सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई। मॉक ड्रिल में पुलिस विभाग, पीएसी, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम एवं एम्बुलेंस सेवाएं, नागरिक सुरक्षा संगठन के आपदा मित्र, राजस्व विभाग, ग्राम स्तरीय आपदा प्रबंधन समितियां तथा अन्य संबंधित विभागों एवं एजेंसियों ने सहभागिता करते हुए आपसी समन्वय एवं त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का प्रदर्शन किया।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों एवं आपदा प्रतिक्रिया बलों की तैयारियों का परीक्षण करना, आपसी समन्वय को सुदृढ़ बनाना तथा जनसामान्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही का अभ्यास करना था।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ0 पंकज कुमार वर्मा ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एनसीसी, होमगार्ड्स, पुलिस, सिविल डिफेंस, अग्निशमन विभाग आदि के जवानों को ट्रेनिंग दी तथा विभिन्न नियमों की जानकारी प्रदान की।
मॉक ड्रिल का सफल संचालन जिला प्रशासन एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की सतत तैयारियों एवं विभिन्न विभागों के उत्कृष्ट समन्वय का परिचायक रहा। सभी प्रतिभागी विभागों एवं टीमों द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्यवाही करते हुए अभ्यास को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मथुरा ने सभी संबंधित विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं स्वयंसेवकों के सहयोग की सराहना करते हुए भविष्य में भी आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने का आह्वान किया है।
छाता में उप जिलाधिकारी छाता वैभव गुप्ता, क्षेत्राधिकारी छाता भूषण वर्मा, तहसीलदार सचिन पवार, नायब तहसीलदार अनमोल गर्ग, आपदा विशेषज्ञ पूजा राणा, कानूनगो नरेश शर्मा, लेखपाल सतेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।
मांट में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ0 पंकज कुमार वर्मा, उप जिलाधिकारी मांट दीपिका मेहर, क्षेत्राधिकारी मांट संदीप सिंह, तहसीलदार सुशील गुप्ता आदि उपस्थित रहे।