•2019 से 2026 तक 11,514 आरक्षित पदों की लूट का दावा, सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष जारी रखने का ऐलान
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार पर पिछड़े, दलित एवं वंचित वर्ग (पीडीए) के आरक्षण अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं के दौरान आरक्षित वर्ग के हजारों पदों पर अनियमितताएं हुई हैं। पार्टी नेताओं का दावा है कि भाजपा शासनकाल में आरक्षण व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से कमजोर किया जा रहा है, जिससे संविधान प्रदत्त अधिकारों का हनन हो रहा है।
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले दस वर्षों में हुई विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में आरक्षित वर्ग के पदों को भरने में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2019 से 2026 तक विभिन्न विभागों की भर्तियों में कुल 11,514 आरक्षित पदों की “लूट” हुई है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संविधान और आरक्षण व्यवस्था सामाजिक समानता का आधार हैं, लेकिन वर्तमान सरकार की नीतियों से इन्हें कमजोर किया जा रहा है।
पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि निजीकरण की बढ़ती प्रक्रिया से आरक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है और गरीब, किसान, मजदूर, पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक तथा युवा वर्ग स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में रोजगार, शिक्षा और युवाओं के भविष्य को लेकर कोई ठोस नीति दिखाई नहीं दे रही है। साथ ही सरकारी अस्पतालों, पुलिस थानों और तहसीलों में भ्रष्टाचार बढ़ने तथा किसानों को फसलों का उचित मूल्य न मिलने की बात भी कही गई।
सपा नेताओं के अनुसार वर्ष 2019 की 69 हजार शिक्षक भर्ती में 7,933, वन एवं वन्यजीव रक्षक भर्ती में 88, वर्ष 2021 की एडेड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक भर्ती में 547, वर्ष 2023 की कनिष्ठ सहायक भर्ती में 300 तथा ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती में 232 आरक्षित पद प्रभावित हुए। इसके अतिरिक्त वर्ष 2024 और 2025 की विभिन्न भर्तियों तथा वर्ष 2026 की कृषि प्राविधिक सहायक, सहायक चकबंदी अधिकारी, अधिशासी अधिकारी एवं सहायक कोषागार लेखाकार भर्ती में भी आरक्षित पदों में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया।
समाजवादी पार्टी ने मांग की कि सभी रिक्त आरक्षित पदों पर तत्काल भर्ती की जाए, आरक्षण विरोधी नीतियों को वापस लिया जाए तथा सामाजिक न्याय की भावना के अनुरूप सभी वर्गों को उनका संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित किया जाए। पार्टी ने कहा कि वह जनता के अधिकारों और सामाजिक न्याय के मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव, वरिष्ठ नेता प्रदीप चौधरी, उपाध्यक्ष दिगंबर सिंह, गगन रावत एवं ओम प्रकाश यादव सहित समाजवादी पार्टी और उसके विभिन्न प्रकोष्ठों के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।