अलीगढ़। डीएलएड संयुक्त प्रशिक्षु संघ, अलीगढ़ के जिलाध्यक्ष एवं शिक्षक धर्मेंद्र चौधरी ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि यदि परिषदीय शिक्षकों को विभागीय TET के माध्यम से लाभ देने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है, तो वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षामित्रों को भी समान अवसर प्रदान करते हुए उनके लिए विभागीय TET आयोजित कर नियमितीकरण का मार्ग प्रशस्त किया जाए।
प्रेस विज्ञप्ति जारी कर धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रदेश के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षामित्रों के लिए अलग-अलग मानदंड अपनाना न्यायसंगत नहीं है। उनका कहना है कि जहां शिक्षकों को विभागीय TET के माध्यम से अवसर दिए जाने पर विचार किया जा रहा है, वहीं शिक्षामित्रों को TET के साथ-साथ सुपर TET जैसी अतिरिक्त परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है, जो समानता और सामाजिक न्याय की भावना के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर परिषदीय शिक्षकों के TET एवं नॉन-TET संबंधी सूचनाएं संकलित की जा रही हैं। ऐसे में शिक्षामित्रों का विवरण भी एकत्र कर उन्हें विभागीय TET का लाभ दिया जाना चाहिए।
धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रदेश के शिक्षामित्र पिछले 20 से 26 वर्षों से बेसिक शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। विशेषकर ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों में उन्होंने विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने और बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है। आज भी हजारों शिक्षामित्र पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि बेसिक शिक्षा व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं। इसलिए सरकार को उनके अनुभव, सेवा और योगदान का सम्मान करते हुए उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस एवं सम्मानजनक निर्णय लेना चाहिए।
धर्मेंद्र चौधरी ने मुख्यमंत्री, बेसिक शिक्षा मंत्री एवं प्रदेश सरकार से मांग की कि TET/CTET उत्तीर्ण शिक्षामित्रों का शीघ्र समायोजन किया जाए तथा जो शिक्षामित्र अभी TET उत्तीर्ण नहीं हैं, उनके लिए विभागीय TET आयोजित कर सहायक अध्यापक पद पर समायोजन का अवसर प्रदान किया जाए।
उन्होंने कहा कि एक ही विद्यालय परिसर में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षामित्रों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं उचित नहीं हैं। प्रदेश सरकार को शिक्षामित्रों के हित में संवेदनशील एवं सकारात्मक निर्णय लेते हुए उनके नियमितीकरण की दिशा में प्रभावी कदम उठाने चाहिए।