क्राइम। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने प्रवक्ता भर्ती साक्षात्कार प्रक्रिया के दौरान फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से चयन प्रक्रिया में शामिल होने के प्रयास का बड़ा खुलासा करते हुए एक महिला अभ्यर्थी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। आयोग ने मामले को भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता, निष्पक्षता और गोपनीयता को प्रभावित करने का गंभीर प्रयास बताते हुए संबंधित अभ्यर्थी को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया है।
आयोग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार विज्ञापन संख्या 02/2022 के अंतर्गत प्रवक्ता संवर्ग के साक्षात्कार 15 जून से 27 जून 2026 तक प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित किए जा रहे हैं। बुधवार को प्रथम पाली के साक्षात्कार के दौरान रसायन विज्ञान विषय की एक महिला अभ्यर्थी आयोग कार्यालय पहुंची और दावा किया कि वह लिखित परीक्षा में सफल घोषित हुई है, लेकिन तकनीकी कारणों से उसका साक्षात्कार पत्र डाउनलोड नहीं हो पा रहा है।
महिला अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्र के बाद आयोग ने उसके दावे की जांच शुरू की। कार्यालयीय अभिलेखों और परीक्षा संबंधी रिकॉर्ड का परीक्षण करने पर पता चला कि संबंधित अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में सफल नहीं हुई थी। जांच में यह भी सामने आया कि उसने आयोग द्वारा जारी अपने मूल प्रवेश-पत्र में कूटरचना कर एक अन्य सफल अभ्यर्थी का अनुक्रमांक दर्ज कर दिया था और उसी आधार पर साक्षात्कार में शामिल होने का दावा कर रही थी।आयोग ने इसे चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने और अनुचित लाभ प्राप्त करने का सुनियोजित प्रयास मानते हुए तत्काल कार्रवाई की। फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत करने के आरोप में संबंधित अभ्यर्थी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई तथा उसे स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया।
आयोग ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया की शुचिता और विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी अभ्यर्थी को नियमों से हटकर लाभ प्राप्त करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। आयोग ने कहा कि परीक्षा और साक्षात्कार प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष एवं भ्रष्टाचारमुक्त बनाने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
विज्ञप्ति में अभ्यर्थियों को चेतावनी देते हुए कहा गया है कि वे किसी भी प्रकार के फर्जी दस्तावेज, कूटरचित प्रमाणपत्र अथवा अनुचित माध्यमों का प्रयोग न करें। साथ ही किसी ऐसे व्यक्ति या संस्था के संपर्क में भी न आएं जो चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने या गलत तरीके से सफलता दिलाने का दावा करती हो।
आयोग ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार के अवैध और आपराधिक कृत्यों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 सहित अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने सभी अभ्यर्थियों से ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ चयन प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की है।
इस घटना के बाद आयोग ने एक बार फिर स्पष्ट संदेश दिया है कि भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा, कूटरचना और धोखाधड़ी के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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