लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार विद्यालयी शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद 25 जून से विद्यालयों में पठन-पाठन शुरू होने से पहले प्रदेशभर में पीएम पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना लागू की जा रही है।
सरकार का लक्ष्य है कि विद्यालय खुलने के पहले ही दिन से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा सके।इस संबंध में मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक प्रेम रंजन सिंह ने सभी जिलों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में खाद्यान्न की उपलब्धता, रसोईघरों की स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा और भोजन निर्माण से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण करने पर विशेष बल दिया गया है।
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि प्रदेश का प्रत्येक बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ पौष्टिक और सुरक्षित भोजन भी प्राप्त करे। उन्होंने कहा कि पीएम पोषण योजना बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए विद्यालय खुलने से पहले खाद्यान्न की गुणवत्ता, रसोई की साफ-सफाई, पेयजल, अग्नि सुरक्षा तथा किचन गार्डन की सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त कर ली जाएं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।सरकार द्वारा सभी विद्यालयों में निर्धारित मेन्यू के अनुरूप मध्याह्न भोजन तैयार करने के लिए आवश्यक खाद्यान्न, दाल, तेल, सब्जियां, आयोडीन युक्त नमक और अन्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और उनकी समाप्ति तिथि की जांच भी अनिवार्य की गई है। खाद्यान्न और अन्य सामग्रियों के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।विद्यालयों के रसोईघर और भोजन परोसने वाले स्थानों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
रसोईघरों के भीतर और बाहर जालों की सफाई, परिसर में उगी घास की कटाई तथा भोजन निर्माण क्षेत्र को स्वच्छ बनाए रखने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा विद्यालयों में स्थापित हैंडपंपों और पेयजल इकाइयों के आसपास भी साफ-सफाई और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
भोजन निर्माण प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए सभी विद्यालयों में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और उनकी कार्यशील स्थिति सुनिश्चित की जाएगी। रसोइयों को अग्निशमन उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। गैस सिलेंडर आधारित चूल्हों, रेगुलेटर, बर्नर और अन्य उपकरणों की नियमित जांच कर खराब उपकरणों को तत्काल बदलने की व्यवस्था की जाएगी।
प्रदेश सरकार ने विद्यालयों में विकसित किचन गार्डन को पुनर्जीवित करने तथा आवश्यकता अनुसार नए किचन गार्डन विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया है। इससे स्थानीय स्तर पर उपलब्ध ताजी सब्जियों का उपयोग बढ़ेगा और बच्चों को अधिक पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा।
इसके साथ ही ‘तिथि भोजन’ कार्यक्रम के माध्यम से समाज और समुदाय की भागीदारी बढ़ाने का भी प्रयास किया जाएगा, जिससे बच्चों के पोषण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
इसी उद्देश्य से पीएम पोषण योजना की सभी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खाद्यान्न की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षा और भोजन निर्माण से जुड़े सभी मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए ताकि विद्यालय खुलते ही बच्चों को बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।