सहजनवा। सरकार के नए निर्देश के तहत सामान्य जर्किन में डीजल बिक्री पर रोक लगने से सहजनवा ब्लॉक क्षेत्र के छोटे किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। खेतों में पंपिंग सेट चलाकर धान की नर्सरी, रोपाई एवं सब्जी की फसलों को बचाने के लिए किसानों को दो-चार लीटर डीजल की आवश्यकता पड़ रही है, लेकिन पेट्रोल पंपों पर जर्किन में डीजल नहीं मिलने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि जून का महीना खेती-किसानी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस समय धान की बेहन (नर्सरी), रोपाई तथा अन्य फसलों की सिंचाई समय पर न होने पर फसल सूखने का खतरा बढ़ जाता है।
क्षेत्र के किसान धर्मवीर, संजय, राम लोटन और बनवारी ने बताया कि वे सुबह से डीजल के लिए पेट्रोल पंपों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें जर्किन में डीजल देने से मना कर दिया जा रहा है। पेट्रोल पंप कर्मचारी शासन के निर्देशों का हवाला देते हुए वाहन लेकर आने की बात कह रहे हैं।
किसानों ने बताया कि उनके पास डीजल से चलने वाले छोटे वाहन नहीं हैं। ऐसे में अब पंपिंग सेट को ही लगभग पांच किलोमीटर दूर पेट्रोल पंप तक ले जाकर उसमें डीजल भरवाना ही एकमात्र विकल्प बचा है, जो व्यवहारिक रूप से काफी कठिन है।
इस संबंध में पूछे जाने पर आपूर्ति निरीक्षक संतोष वर्मा ने बताया कि लगभग एक सप्ताह पूर्व शासन से निर्देश प्राप्त हुए हैं कि सामान्य जर्किन में किसी भी स्थिति में डीजल की बिक्री नहीं की जाएगी। केवल निर्धारित मानकों वाली स्वीकृत जर्किन में ही डीजल उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को लेकर विभाग के पास किसानों के लगातार फोन आ रहे हैं और उनकी समस्याओं की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जा रही है।