श्रीमद्भागवत कथा के विराम दिवस पर उमड़ा आस्था का सैलाब, कथावाचिका अनुप्रिया किशोरी का चांदी का मुकुट पहनाकर भव्य सम्मान।

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मथुरा। जनपद के ग्राम यौरा स्थित श्री बालाजी मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का विराम दिवस श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। समापन अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भजन-कीर्तन, जयघोष और भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

इस अवसर पर प्रसिद्ध कथावाचिका अनुप्रिया किशोरी जी ने श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, धर्म, भक्ति और मानव जीवन के आदर्शों का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उनके प्रेरणादायक प्रवचनों से उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और पूरा पंडाल “राधे-राधे” एवं “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा।

कार्यक्रम के दौरान गांव के जय प्रकाश चौधरी ने कथावाचिका अनुप्रिया किशोरी जी को चांदी का मुकुट पहनाकर, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य सम्मान किया। उन्होंने कहा कि संत-महात्माओं का सम्मान भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा है तथा उनके आशीर्वाद से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और धार्मिक चेतना का संचार होता है।

कथा आयोजन श्री बालाजी मंदिर के महंत विजय जी महाराज के सान्निध्य में संपन्न हुआ। कथा के यजमान सावित्री देवी, पत्नी जगपाल चौधरी, निवासी ग्राम आंवला सुल्तानपुर (यौरा) रहे, जिन्होंने श्रद्धापूर्वक धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समापन दिवस पर श्रद्धालुओं ने कथावाचिका से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। आयोजन के सफल संचालन में ग्रामवासियों एवं समस्त श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा।

कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्म लाभ प्राप्त किया। पूरे आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया तथा श्रद्धालुओं के मन में भक्ति की अलख जगाई।

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