रिपोर्ट: सुनील पाण्डेय।
महराजगंज। कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल की अध्यक्षता में स्पेशल एजुकेटर्स की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में दिव्यांग (सीडब्ल्यूएसएन) बच्चों के नामांकन, प्रेरणा पोर्टल पर सत्यापन, स्टाइपेंड, एस्कॉर्ट एलाउंस, मेडिकल असेसमेंट और दिव्यांग प्रमाण पत्र सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई।
बैठक में बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2026-27 में सीडब्ल्यूएसएन के नए नामांकन का लक्ष्य 301 था, जिसके सापेक्ष 307 बच्चों का नामांकन कराया जा चुका है। वहीं प्रेरणा पोर्टल पर सत्यापन के लिए 672 बच्चों में से 543 का वेरिफिकेशन पूरा हो गया है, जबकि 129 का सत्यापन अभी शेष है।
दिव्यांग बालिकाओं को मिलने वाले वार्षिक 2,000 रुपये के स्टाइपेंड के लिए 220 के लक्ष्य के सापेक्ष केवल 94 बालिकाओं को पोर्टल पर मार्क किया गया है। इसी प्रकार 6,000 रुपये वार्षिक एस्कॉर्ट एलाउंस के लिए 200 छात्र-छात्राओं के लक्ष्य के मुकाबले 106 बच्चों का ही पोर्टल पर अंकन हुआ है। इस प्रगति पर जिलाधिकारी ने असंतोष जताते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में मेडिकल असेसमेंट और एलिम्को कैंप की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से जनपद में 13 मेडिकल असेसमेंट कैंप आयोजित किए जाएंगे, जिनमें दिव्यांगता प्रमाण पत्र से वंचित 1,064 बच्चों के प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी कैंप सुव्यवस्थित हों और दिव्यांगजनों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
जिलाधिकारी ने स्पेशल एजुकेटर्स से संवाद करते हुए एनपीआरसी स्तर पर दिव्यांग बच्चों के चिन्हांकन पर विशेष ध्यान देने, स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से सभी पात्र बच्चों के दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने और योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक दिव्यांग बच्चे की फैमिली आईडी बनवाने पर भी जोर दिया।
उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी को स्पेशल एजुकेटर्स के साथ प्रत्येक माह समीक्षा बैठक आयोजित करने तथा ब्लॉक स्तर पर बीडीओ की अध्यक्षता में नियमित बैठकें कराने के निर्देश दिए। साथ ही अभिभावकों का डेटाबेस तैयार कर उन्हें प्रशिक्षण देने के लिए भी कहा, ताकि दिव्यांग बच्चों की पहचान और सहायता का कार्य प्रभावी ढंग से किया जा सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत कुमार सिंह, एसीएमओ डॉ. राजेश द्विवेदी सहित सभी स्पेशल एजुकेटर्स उपस्थित रहे।