समाजवादियों ने जयंती पर  बाबा लक्खी शाह बंजारा को किया नमन्ः बैठक में बूथ स्तर पर सांगठनिक मजबूती पर जोर।

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विधानसभा चुनाव की तैयारियों में अभी से जुट जाय सपा कार्यकर्ता- महेन्द्रनाथ यादव

बस्ती। शनिवार को समाजवादी पार्टी की मासिक बैठक पार्टी कार्यालय पर जिलाध्यक्ष एवं बस्ती सदर विधायक महेन्द्रनाथ यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में बूथ स्तर पर सांगठनिक मजबूती, जनहित के सवालों को लेकर संघर्ष और  तेज करने के साथ ही बाबा लक्खी शाह बंजारा को उनकी जयंती पर याद किया गया।

बैठक में सदर विधायक महेन्द्रनाथ यादव ने कहा कि पदाधिकारी और कार्यकर्ता पूरी निष्ठा के साथ आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट जाय। उन्होने कहा कि बूथ जीते तो चुनाव जीत जायेंगे, बस्ती और प्रदेश की जनता सपा की मजबूत सरकार बनाने का मन बना चुकी है क्योंकि भाजपा सभी मोर्चा पर विफल है और मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम के मंदिर से चंदा चोरी के कारण लोगों की आस्था भाजपा से भी डगमगा गयी है।

सदर विधायक महेन्द्रनाथ यादव ने कहा कि बाबा लक्खी शाह बंजारा 17वीं सदी के एक महान व्यापारी, योद्धा और सिख धर्म के निष्ठावान अनुयायी थे। उनका जन्म 1580 में पंजाब (वर्तमान पाकिस्तान) के मुजफ्फरगढ़ में हुआ था। उन्हें मध्य एशिया और भारत के बीच व्यापार करने वाले सबसे बड़े ट्रांसपोर्टर और दानवीर के रूप में याद किया जाता है।

पूर्व विधायक राजमणि पाण्डेय, विधायक राजेन्द्र चौधरी, कविन्द्र चौधरी ‘अतुल’ दयाशंकर मिश्र, राजाराम यादव, निजामुद्दीन, रविन्द्र यादव, मो. सलीम, समीर चौधरी, जमील अहमद, रामचन्दर यादव, प्रवीण पाठक, गुलाब सोनकर, सौरभ मिश्रा ‘शनि’, राजेन्द्र चौरसिया, गीता भारती, राघवेन्द्र सिंह, राम सिंह यादव, प्रमोद यादव, अभिषेक यादव, जितेन्द्र यादव, विवेक यादव, अजय यादव आदि ने कहा कि 1675 में मुगल बादशाह औरंगजेब द्वारा गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के बाद, उनके पार्थिव शरीर को चांदनी चौक से मुक्त कराने की किसी में हिम्मत नहीं थी।

बाबा लक्खी शाह बंजारा ने अत्यधिक जोखिम उठाते हुए गुरु जी के धड़ को अपनी बैलगाड़ी में छिपाया और अपने घर (तत्कालीन रायसीना गांव, दिल्ली) ले आए। मुगलों को भ्रमित करने और गुरु जी का सम्मानजनक अंतिम संस्कार करने के लिए, उन्होंने अपने ही घर में आग लगा दी थी। इसी ऐतिहासिक स्थान पर वर्तमान में गुरूद्वारा रकाबगंज साहिब  स्थित है। बाबा लक्खी शाह बंजारा अपने समय के सबसे धनी व्यापारियों में से एक थे। उनका योगदान सदैव याद किया जायेगा।

मासिक बैठक और बाबा लक्खी शाह बंजारा को उनकी जयंती पर याद करने वालों में मुख्य रूप से संजय गौतम, मधुबन  यादव, कैलाशनाथ शर्मा, मुरली पाण्डेय, जहीर अहमद, राजेन्द्र चौधरी, मो. उमर,  अरविन्द यादव, ज्ञानचन्द चौधरी, रमाकान्त सिंह, चन्द्रिका यादव, कुलदीप मौर्य, राजदेव प्रसाद, अकबर अली, राहुल सिंह, आर.डी. निषाद, राम सहाय, हनुमान प्रसाद चौधरी, रामशंकर निराला, नितराम चौधरी, मो. हासिम, आर.डी. गोस्वामी, रमेश गौतम, अजीत यादव, लव कुमार सिंह, मंशाराम  कन्नौजिया, रहमान सिद्दीकी, तूफानी यादव, मोनू यदुवंश, मो. युनुस आलम, सुरेश चन्द्र यादव, भोला  यादव, घनश्याम  यादव, कक्कू शुक्ला, रजवंत यादव, राहुल सोनकर, निसार अहमद,  राजेन्द  यादव,  वीरेन्द्र  यादव, जितेन्द्र  यादव,  राजेश  यादव, विजय लक्ष्मी, प्रिया श्रीवास्तव, सावित्री सिंह, सुशीला, चन्द्रहास, देवनाथ  यादव, राधा देवी, मो. सलीम, रजनीश  यादव,  विवेक  यादव, रीतिक, मो. अहमद सज्जू के साथ ही सपा के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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