रिपोर्ट: राहुल मिश्रा।
सीतापुर। मिश्रिख तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. ने रिश्वत मांगने के आरोप में एक लेखपाल के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करते हुए निलंबन के निर्देश दिए। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच कराने के आदेश भी जारी किए।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में एक किसान परिवार के युवक ने जिलाधिकारी से शिकायत की कि उसके पिता की वरासत दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया था, लेकिन संबंधित लेखपाल ने आवेदन निरस्त कर दिया। शिकायतकर्ता का आरोप था कि वरासत दर्ज करने के नाम पर लेखपाल ने तीन हजार रुपये की रिश्वत मांगी। उसने आधार कार्ड सहित संबंधित अभिलेख भी प्रस्तुत किए और बताया कि रिकॉर्ड में नाम सही होने के बावजूद अनावश्यक आपत्ति लगाई गई।
जिलाधिकारी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही संबंधित लेखपाल के निलंबन के निर्देश दिए तथा पूरे मामले की जांच कराने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जन शिकायतों का निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 191 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 119 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित थीं। कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध समाधान के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें भी दर्ज कराईं। वहीं, नैमिषारण्य क्षेत्र के नागरिकों ने सड़क एवं नाली निर्माण की मांग उठाई। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
डीएम की इस त्वरित कार्रवाई को प्रशासन की जवाबदेही और भ्रष्टाचार के प्रति सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।