ब्रज में गंदगी आस्था के प्रति दर्शा रही है असभ्य आचरण : शैलजाकांत मिश्र

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मथुरा। ‘हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है’ महाअभियान के तहत फॉलोअप कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें उद्यमियों, व्यापारियों और स्वयंसेवकों ने स्वच्छ ब्रज के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव रखे।

अध्यक्षता करते हुए उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने कहा कि ब्रज भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की पावन घर है। यहां गंदगी फैलाना केवल अस्वच्छता नहीं, बल्कि आस्था के प्रति असभ्य आचरण है।

उन्होंने कहा कि मथुरा को देश और प्रदेश के सामने स्वच्छता का आदर्श प्रस्तुत करने का सुनहरा अवसर मिला है। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री के मथुरा आगमन के समय शहर की स्वच्छता रैंकिंग 512वीं थी। लगातार प्रयासों से वर्ष 2019 में यह 129वें स्थान पर पहुंची और मथुरा को देश में सबसे तेज सुधार करने वाले शहर के रूप में सम्मानित किया गया।

इसके बाद शहर ने 60वीं, 55वीं और 35वीं रैंक हासिल की तथा वर्तमान श्रेणीगत व्यवस्था में 11वां स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने इसे बेहतर नहीं माना।

कहा कि लगभग 27 लाख की आबादी वाले जनपद में प्रतिवर्ष करीब 10 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। ऐसे में ब्रज में ऐसा स्वच्छता संस्कार विकसित करना होगा कि बाहर से आने वाले लोग भी गंदगी फैलाने से स्वयं परहेज करें। इसके लिए जनसहभागिता और सामाजिक जागरूकता सबसे बड़ा माध्यम है।

उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की मुख्य कार्यपालक अधिकारी लक्ष्मी नागप्पन ने कहा कि स्वच्छ ब्रज अभियान को सफल बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने क्षेत्र में नेतृत्व की जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलाव ही बड़े सामाजिक परिवर्तन की नींव बनते हैं।

उद्यमियों और समाजसेवियों के सुझावों पर नगर आयुक्त जग प्रवेश ने बताया कि मथुरा-वृंदावन नगर निगम ने पिछले एक वर्ष में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सफाईकर्मियों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत वृद्धि की है। वर्ष 2023 में जहां प्रतिदिन 180 से 190 टन कूड़ा उठाया जाता था, वहीं अब यह बढ़कर 500 टन से अधिक हो गया है। उन्होंने बताया कि 24 प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में दो पालियों तथा श्रीकृष्ण जन्मस्थान जैसे अत्यधिक भीड़ वाले स्थलों पर तीन पालियों में नियमित सफाई कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि गंदगी फैलाना हमारी आदत बन गई है, जिसे सामूहिक प्रयास से बदलना होगा। नगर आयुक्त ने बताया कि भंडारों के आयोजन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की गई है और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मथुरा-वृंदावन के ड्रेनेज मास्टर प्लान पर भी कार्य किया जा रहा है।

संचालन परिषद के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजीव पाण्डेय, पर्यावरण सलाहाकार मुकेश शर्मा, डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र, अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार सहित आदि मौजूद रहे।

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