रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा/अयोध्या। अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में कथित चोरी की घटना को लेकर इरा इंडिया के प्रधान संपादक माता प्रसाद शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सार्वजनिक रूप से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में एक विस्तृत सुझाव जारी करते हुए कहा कि इस प्रकरण पर सरकार को पारदर्शी एवं ठोस कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।
माता प्रसाद शर्मा ने अपने सुझाव में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग कर नए सिरे से ट्रस्ट के गठन की मांग की है। उनका कहना है कि नए ट्रस्ट में चारों जगद्गुरु शंकराचार्य, निर्मोही अखाड़े के प्रतिनिधि, सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश, ईमानदार सेवानिवृत्त आईएएस एवं आईपीएस अधिकारियों के साथ केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया जाए। साथ ही किसी भी राजनीतिक दल अथवा उससे जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों को ट्रस्ट में स्थान न दिए जाने का नियम बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर का निर्माण सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय तथा देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं के सहयोग और चंदे से हुआ है। ऐसे में मंदिर की व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और जनविश्वास के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिस व्यवस्था की निगरानी में कथित चोरी की घटना हुई, उसकी जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।
माता प्रसाद शर्मा ने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि यदि सरकार इस मामले में उचित निर्णय लेकर नई व्यवस्था लागू करती है तो इससे श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर शीघ्र एवं पारदर्शी कार्रवाई से अनावश्यक राजनीतिक विवादों को भी रोका जा सकता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से भी इस मांग का समर्थन करने तथा अपनी बात प्रधानमंत्री तक पहुंचाने के लिए इसे अधिक से अधिक साझा करने की अपील की है।