•त्याग व ईमानदारी की प्रतिमूर्ति थे चंद्रभानु गुप्ता : अभिनव अग्रवाल
नजीबाबाद। अंतराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन द्वारा वैश्य शिरोमणि पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय चंद्रभानु गुप्ता जी की 125 वीं जयंती मनाई गई। संगठन के सदस्यों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण किया तथा संगठन द्वारा विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
जिलाध्यक्ष अभिनव अग्रवाल एडवोकेट ने बताया कि चंद्रभानु गुप्ता जी उत्तर प्रदेश के एक अत्यंत प्रभावशाली और कद्दावर राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। राजनीति में आने से पहले, वे एक स्वतंत्रता सेनानी थे और उन्होंने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया था। वह एक ईमानदार और सिद्धांतों पर चलने वाले राजनेता थे।
राजनीति के अलावा, उनकी रुचि शिक्षा और सामाजिक कार्यों में भी थी। उन्होंने लखनऊ में ‘लखनऊ डिग्री कॉलेज’ और अन्य शिक्षण संस्थानों की स्थापना या उन्हें प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
चंद्रभानु गुप्ता का नाम उत्तर प्रदेश के उन शुरुआती नेताओं में लिया जाता है जिन्होंने राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक नींव को मजबूत किया। वे लखनऊ की राजनीति का केंद्र हुआ करते थे और उनके दौर को उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक ‘स्वर्ण युग’ भी कहा जाता है।
जिलाध्यक्ष अभिनव अग्रवाल एडवोकेट की अध्यक्षता एवं युवा प्रदेश सचिव आदित्य अग्रवाल के संचालन में आयोजित विचार गोष्ठी में विपिन अग्रवाल, कुंज मित्तल, कुलदीप बिश्नोई, संजय अग्रवाल, चित्रांश अग्रवाल, दीपक गुप्ता, आयुष बंसल आदि रहे।