रिपोर्ट: अजमत अली।
कुदरहा, बस्ती। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में निकाली जा रही 81-दिवसीय ‘गविष्टि’ (गौ-रक्षार्थ धर्मयुद्ध) रथ यात्रा रविवार को बस्ती जिले के कुदरहा बाजार पहुंची। इस दौरान स्थानीय सनातन धर्मावलंबियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने यात्रा का भव्य स्वागत किया। ‘गौ माता की जय’ और धार्मिक उद्घोषों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।
इस देशव्यापी रथ यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ (राज्य माता) का दर्जा दिलाना, देश में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना और बीफ (गोमांस) के निर्यात को पूरी तरह बंद करवाना है। इस अभियान के माध्यम से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जन-जन को गौ-संरक्षण के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
यात्रा का मुख्य मार्ग और स्वरूप :- यह ऐतिहासिक यात्रा उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक नगरी वाराणसी (बनारस) से शुरू हुई है। 81 दिनों के अपने इस व्यापक अभियान के दौरान यह रथ यात्रा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में जन-जागरण फैला रही है।
प्रमुख पड़ाव: यात्रा अब तक बनारस, जौनपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, गोंडा, अंबेडकरनगर जैसे जनपदों से होकर गुजर चुकी है।
वर्तमान स्थिति: इसी कड़ी में रविवार को यात्रा बस्ती जिले के कुदरहा बाजार पहुंची, जहां संतों के दर्शन और गौ-रक्षा के इस पावन संकल्प में शामिल होने के लिए भारी भीड़ उमड़ी।
गौ-भक्तों का संकल्प: कुदरहा बाजार में उपस्थित शैलेश शुक्ला, राकेश यादव पांचू, आशीष मोदनवाल, मुकेश मौर्य, रमेश अग्रहरि, शैलेश शुक्ला, अमित सिंह, उज्जवल सिंह,मनोज मोदनवाल, अजय अग्रहरि आदि लोगों ने शंकराचार्य जी के इस आह्वान का पुरजोर समर्थन किया और संकल्प लिया कि वे समाज में गौ-सेवा और गौ-रक्षा के प्रति चेतना जगाने का कार्य निरंतर जारी रखेंगे।
यह यात्रा देश के नीति-निर्माताओं तक यह संदेश पहुंचाने का प्रयास है कि सनातन संस्कृति में पूजनीय गौ माता को उनका उचित सम्मान और कानूनी संरक्षण मिलना ही चाहिए।