डीएम की अध्यक्षता में श्रावण मास/कांवड़ यात्रा पर्व को सुरक्षित एवं सकुशल ढंग से संपन्न कराने के दृष्टिगत शांति समिति की बैठक हुई आयोजित।

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संत कबीर नगर। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में श्रावण मास/कांवड़ यात्रा पर्व को सुरक्षित एवं सकुशल ढंग से संपन्न कराने के दृष्टिगत शांति समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) सत्य प्रकाश, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह उपस्थित रहे।

शांति समिति की बैठक में जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा आगामी 30 जुलाई से शुरू होने वाले श्रावण मास मेला एवं कावड़ यात्रा को सकुशल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के दृष्टिगत संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों एवं मंदिर के पुजारी/ग्राम प्रधान/संभ्रांत जनों के साथ समीक्षा कर विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने सावन मास में भगवान शिव का जलाभिषेक एवं कावड़ यात्रा का पर्व आपसी प्रेम एवं सौहार्द के साथ मनाये जाने की अपील करते हुए कहा कि जनपद की शांतिप्रिय एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण की परम्परा को बनाये रखते हुए त्योहार को भाई-चारें के साथ मनाये। उन्होंने श्रावण मास एवं कावड़ यात्रा के दौरान जनपद के विभिन्न इलाकों में कानून व्यवस्था, बिजली, पानी, साफ-सफाई एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के बारे में अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत एवं जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि शहर एवं ग्रामीण इलाकों में शिवालयों सहित समस्त मंदिरों की साफ-सफाई सुनिश्चित करा ली जाए।

उन्होंने कहा कि श्रावण मास मेला एवं कावड़ यात्रा के दौरान कावड़ियों एवं श्रद्धालुओं द्वारा विभिन्न शिवालयों पर जलाभिषेक किया जाएगा। इसके दृष्टिगत कांवड़ यात्रा के दौरान आवागमन के रास्तों में विद्युत पोलों, विद्युत तार का संयोजन आदि व्यवस्था को सुनिश्चित कर लिया जाए। मंदिर/शिवालियों के अप्रोच मार्गों को समय रहते ठीक कर लिया जाए।

जिलाधिकारी ने समस्त संबंधित विभागीय अधिकारियों को शिव मंदिरों के अप्रोच मार्गों की मरम्मत, गड्ढा मुक्त करने, मार्गों पर लगे विद्युत तारों के सुव्यवस्थित होने की जांच करने, बरसात के मौसम को देखते हुए लोहे के विद्युत पोलों को पॉलिथीन से कवर करवाने सहित शिव मंदिरों के रास्तों की साफ सफाई, एम्बुलेंस एवं फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का आवश्यकतानुसार डिप्लॉयमेंट, कावड़ यात्रा के दौरान रास्ते में आवश्यकतानुसार पेयजल की उपलब्धता, हैंडपंप्स को ठीक करने, प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने आदि से संबंधित निर्देश विभागीय अधिकारियों को देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक दशा में विभागीय अधिकारीगण अपने विभाग से संबंधित व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण कर लें तथा समय रहते तत्काल उसे ठीक कर दें।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी द्वारा जनपद के कुछ महत्वपूर्ण मंदिरों जैसे तामेश्वर नाथ धाम, विड़हल घाट, बैजूनाथ धाम, हैंसर बाजार शिव मंदिर, मगहर शिव मंदिर, पौली शिव मंदिर, जगदीशपुर शिव मंदिर सहित जनपद के नगर पालिका/नगर पंचायत एवं ग्रामीण शिव मंदिरों पर साफ सफाई, जलाभिषेक के दौरान बेरिकेटिंग व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरा की निगरानी व्यवस्था, पुलिस बल की व्यवस्था आदि से संबंधित एक-एक बिंदु का बारीकी से फीडबैक लेते हुए आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।

बैठक में जिलाधिकारी द्वारा मुख्य रूप से अधिशाषी अभियंता विद्युत, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत, जिला पंचायत राज अधिकारी, समस्त थानाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि पूरे श्रावण मास के दौरान शिव भक्तों द्वारा घाटों पर जल भरने से लेकर शिवालियों पर अर्पित करने तक के दौरान अपने-अपने विभाग से संबंधित समस्त व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करते हुए आवश्यकतानुसार आपसी समन्वयता के साथ यदि कहीं कोई दिक्कत आ रही हो उसका निस्तारण कर लें।

जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारी एवं समस्त पुलिस क्षेत्राधिकारियों, थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्र में श्रावण मास एवं कावड़ यात्रा को सकुशल सम्पन्न कराये जाने के दृष्टिगत आवश्यकतानुसार कांवड़ समितियों के सदस्यों एवं स्थानीय संभ्रांत व्यक्तियों से संपर्क कर स्थानीय जरूरत के हिसाब से यह सुनिश्चित कर लें कि उनके क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न रहे।

पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने सभी थानाध्यक्षों/चौकी प्रभारी, मंदिर के पुजारी व स्थानीय नागरिकों से श्रावण मास/कांवड़ यात्रा के दौरान पूर्व में की गई व्यवस्थाओं आदि के बारे में फीडबैक लेते हुए उनका सुझाव जाना जिसके अनुसार श्रद्धालुओं/कावड़ियों के सुविधा के दृष्टिगत व्यवस्थाओं को सुदृढ़ एवं चाक चौबंद बनाए जाने हेतु पुलिस अधिकारियों सहित समस्त संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सभी कावंड़ मेलो में आये हुए यात्रियों के साथ शालीनता से व्यवहार किया जाये एवं उनकी हर सम्भव मदद के लिये आवश्यकतानुसार यातायात डायवर्जन प्लान को कड़ाई से लागू कराते हुए ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए।

पुलिस अधीक्षक ने त्योहार के दौरान जनपद में सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को सुनिश्चित रखने के दृष्टिगत की तैयारियों के बारे में विभिन्न बिन्दुओं पर बारीकी से जानकारी लेते हुए कहा कि श्रावण मास के दौरान पड़ने वाले सोमवार के दिन एवं शिवरात्रि के दिन पर तामेश्वर धाम सहित सभी शिवालयों पर विशेष सतर्कता एवं सुरक्षा व्यवस्था रखी जाए। सभी शिवालयों में साफ-सफाई एवं एप्रोच मार्ग को सही कर लिया जाए।

पुलिस अधीक्षक ने विशेष तौर पर सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाये जाने वाले अफवाहों पर ध्यान न देने तथा अपने स्तर पर ही इसे रोक देने की बात कही। उन्होंने सभी से पुलिस प्रशासन के साथ सहयोग की अपेक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी सम्भावित घटनाओं आदि बारे में तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचित करें। उन्होंने उपस्थित पुलिस अधिकारियों को सी0सी0टी0वी0 कैमरे व कंट्रोल रूम को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सावन मेला के दौरान चेन स्नेचिंग, चोरी आदि की घटनाओं को रोकने के लिए समस्त पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने हेतु निर्देशित किया।

जिलाधिकारी ने करमैनी घाट, बिड़हल घाट व राजघाट पर विशेष रूप से बेरिकेटिंग की व्यवस्था, प्रकाश की व्यवस्था, गोताखोरों आदि की व्यवस्था सुनिश्चित रखने के साथ-साथ विशेष रूप से महिला श्रद्धालुओं हेतु स्नान आदि के दौरान सुरक्षा एवं अस्थाई चेंज रूम की भी व्यवस्था करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।

पुलिस अधीक्षक ने उपस्थित ग्राम प्रधानों एवं संभ्रांत नागरिकगणों के माध्यम से जनपदवासियों से अपील किया कि श्रावण मास के दौरान दिनांक 04 अगस्त को चेहल्लुम एवं 26 अगस्त को वारावफात का भी त्यौहार है, इसमें दोनों समुदाय के लोग एक दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए खुशी से त्योहार मनाएं। उन्होंने कहा कि कावड़ यात्रा के दौरान डीजे की तेज आवाज से कई तरह के नुकसान एवं दुर्घटनाओं की संभावना रहती है, इसे देखते हुए शिवभक्त डीजे की आवाज धीमी रखें, अश्लील अथवा धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले गानों को न चलाएं, सुरक्षित तरीके से त्योहारों को मनाए जाने में प्रशासन एवं पुलिस का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी नई परंपरा की शुरुआत न की जाए।

उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में कावड़ संघों से बात कर उनकी सूची बना लें जिससे कौन सा कांवड़ समूह कब और कहां से जल भरेंगे और किस रूट से जाएंगे, जिससे जल भरने से लेकर जलाभिषेक तक की व्यवस्था को पहले से ही सुव्यवस्थित किया जा सके।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रामानुज कनौजिया, अपर उप जिलाधिकारी सुधीर कुमार, परियोजना निदेशक विजयंत कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत राजेश कुमार, सहायक अभियंता लोक निर्माण विमल कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार, समस्त थाना प्रभारी, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका अवधेश भारती व सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज सहित संबंधित अधिकारी, ग्राम प्रधान व संभ्रांत नागरिकगण आदि उपस्थित रहे।

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