•परीक्षा में सफलता केवल कठिन परिश्रम से ही नहीं, बल्कि सही रणनीति व आत्मविश्वास से है मिलती -पवन कुमार गंगवार
०मनोज अग्रहरि
मिर्जापुर। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार एवं मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार ने गुरुवार को मड़िहान तहसील स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और जयप्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण कर शिक्षा, स्वास्थ्य, छात्रावास, भोजन एवं स्वच्छता व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्राओं से संवाद कर उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कस्तूरबा गांधी विद्यालय में जिलाधिकारी ने कक्षा 1, 7 और 8 सहित विभिन्न कक्षाओं का निरीक्षण किया तथा छात्राओं से विभिन्न विषयों के प्रश्न पूछकर शैक्षणिक गुणवत्ता का आकलन किया। कक्षा 8 में अधिकांश छात्राएं संतोषजनक उत्तर नहीं दे सकीं, जिस पर उन्होंने संबंधित शिक्षकों को शिक्षण गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने छात्राओं को पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा, जल एवं कोयले से बिजली उत्पादन जैसी वैज्ञानिक जानकारियां भी दीं।
नीट-जेईई की तैयारी कर रहीं छात्राओं का बढ़ाया उत्साह
जयप्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय में जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने नीट एवं जेईई की तैयारी कर रही छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। विद्यालय परिसर में आम का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि “परीक्षा में सफलता केवल कठिन परिश्रम से ही नहीं, बल्कि सही रणनीति और आत्मविश्वास से भी मिलती है।” उन्होंने सलाह दी कि परीक्षा के दौरान पहले सरल प्रश्न हल करें, इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और कठिन प्रश्नों को हल करना आसान हो जाता है। उन्होंने फिजिक्स, केमिस्ट्री सहित प्रमुख विषयों की नियमित तैयारी, समय प्रबंधन और निरंतर अभ्यास को सफलता की कुंजी बताया।
उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां भी दृढ़ संकल्प, अनुशासन और मेहनत के बल पर देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकती हैं।
स्वास्थ्य एवं पोषण व्यवस्था पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने छात्रावास, रसोई, भोजन एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उपचार संबंधी रजिस्टर उपलब्ध न मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य अभिलेख नियमित रूप से संधारित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कीर्ति कुमार मिश्र को छात्राओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने तथा डॉ. शिल्पी केसरवानी को सप्ताह में कम से कम एक दिन विद्यालय पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण करने के निर्देश दिए।
भोजन की गुणवत्ता पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि छात्राओं को केवल ताजा एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने प्रत्येक 15 दिन में भोजन एवं खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश भी दिए और स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आंखों की समस्या पर तत्काल उपचार के निर्देश
निरीक्षण के दौरान आश्रम पद्धति विद्यालय की दो छात्राओं ने आंखों से धुंधला दिखाई देने की शिकायत की। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल नेत्र परीक्षण कराने तथा समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश जिला समाज कल्याण अधिकारी को दिए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल वर्मा, उपजिलाधिकारी संतोष कुमार ओझा, मुख्य चिकित्साधिकारी, खंड विकास अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।