•वंदे मातरम्, कांवड़ मार्ग और मस्जिदों को लेकर दिए गए बयान पर संत समाज ने जताई आपत्ति।
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के हालिया बयान को लेकर साधु-संतों में नाराजगी देखने को मिल रही है। वंदे मातरम्, कांवड़ यात्रा और मस्जिदों से जुड़े उनके बयान की संत समाज ने कड़ी आलोचना की है।
शौकत अली ने अपने बयान में कहा कि वह सभी का सम्मान करते हैं, लेकिन किसी पर किसी बात को थोपना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जैसे किसी को जबरन “वंदे मातरम्” नहीं बुलवाया जा सकता, वैसे ही किसी पर अपनी इच्छा नहीं थोपी जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में उनकी सरकार बनती है तो उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रियों के लिए अलग मार्ग बनाए जाएंगे तथा सड़क किनारे मस्जिदों का निर्माण कराया जाएगा, ताकि लोग सड़कों पर नमाज अदा करने के बजाय मस्जिदों में नमाज पढ़ सकें। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि मुसलमान समाज किसी एक राजनीतिक दल का बंधुआ नहीं है और अब दलित तथा मुस्लिम समाज एआईएमआईएम से जुड़ रहा है।
शौकत अली के इस बयान पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर मामले के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज और हिंदू नेता गिर्राज हिंदुस्तानी सहित कई साधु-संतों ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने बयान की निंदा करते हुए कहा कि इस प्रकार के वक्तव्य सामाजिक सौहार्द और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले हैं।
संत समाज ने कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए, जिनसे समाज में विवाद या वैमनस्य की स्थिति उत्पन्न हो। उन्होंने सभी पक्षों से संयमित और जिम्मेदार भाषा के प्रयोग की अपील भी की।