महराजगंज। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह के साथ गोसदन मधवलिया का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पशु शेड, वर्मी कंपोस्ट इकाई, गोबर गैस प्लांट, बीमार पशु शेड तथा हरे चारे की उपलब्धता सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने खराब पड़े गोबर गैस प्लांट की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अप्रयुक्त पशु शेडों की मरम्मत कर उन्हें उपयोग में लाते हुए अधिक संख्या में गोवंशों को संरक्षित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गोसदन को उसकी पूर्ण क्षमता के साथ संचालित किया जाए।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एजाज़ अहमद ने बताया कि गोसदन में वर्तमान में 570 गोवंश संरक्षित हैं। इनके लिए 4000 कुंतल भूसा, 87 कुंतल पशु आहार तथा 216 कुंतल साइलेज उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने बीमार गोवंशों की चिकित्सा व्यवस्था की जानकारी लेते हुए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने और पृथक बीमार पशु वार्ड के निर्माण के निर्देश दिए।
वर्मी कंपोस्ट उत्पादन की समीक्षा के दौरान बीडीओ निचलौल ने बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाएं खाद का उत्पादन और बिक्री कर रही हैं। साथ ही गोबर से गोकाष्ठ भी तैयार किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने वर्मी कंपोस्ट की बिक्री के लिए बेहतर मार्केट लिंकेज विकसित करने तथा गोकाष्ठ की बिक्री मंदिरों, अंत्येष्टि स्थलों और नगर निकायों तक पहुंचाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
उन्होंने अर्धनिर्मित अतिरिक्त वर्मी कंपोस्ट शेड को शीघ्र पूरा कर उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि गोसदन मधवलिया में आत्मनिर्भर और मॉडल गोसदन बनने की पूरी क्षमता है, जिसके लिए सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर उसे प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता है।
डीएम ने गोसदन में संचालित सभी गतिविधियों को मुख्य द्वार पर प्रदर्शित करने तथा गैस बॉटलिंग प्लांट, मधुमक्खी पालन और गोबर पेंट जैसी आयवर्धक गतिविधियां शुरू करने की संभावनाओं पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने गोवंशों को गुड़, केला और चना खिलाया तथा उनका पूजन भी किया। इस अवसर पर डीडीओ बी.एन. कन्नौजिया, एसडीएम निचलौल सिद्धार्थ गुप्ता, बीडीओ संतोष कुमार यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।