गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) क्षेत्र में लगभग 208 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एवं प्रस्तावित 71 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। कार्यक्रम में फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स, ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) एवं एलआईजी (निम्न आय वर्ग) आवासीय परिसर सहित कई औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना परियोजनाएं शामिल रहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर अब पूर्वांचल के औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बन रहा है। उन्होंने फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स को छोटे एवं मध्यम उद्यमियों के लिए एक मॉडल परियोजना बताते हुए कहा कि इससे कम पूंजी में उद्योग स्थापित करने का अवसर मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
जानकारी के अनुसार, GIDA के सेक्टर-13 में लगभग 42.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्रदेश के दूसरे फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण किया गया। प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर विकसित इस कॉम्प्लेक्स में लगभग 80 एमएसएमई इकाइयों की स्थापना की जा सकेगी, जिससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने GIDA क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों एवं कर्मचारियों के लिए बनाए गए ईडब्ल्यूएस और एलआईजी आवासीय परिसर का भी उद्घाटन किया। इस आवासीय योजना के अंतर्गत 96 फ्लैट विकसित किए गए हैं, जिनका उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को कार्यस्थल के निकट सुलभ एवं किफायती आवास उपलब्ध कराना है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि GIDA का विस्तार लगातार हो रहा है और यहां स्थापित उद्योगों के माध्यम से हजारों युवाओं को रोजगार मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई। उन्होंने कहा कि अपराधियों और माफियाओं के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी तथा प्रदेश में निवेश और विकास के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न उद्यमियों और लाभार्थियों को औद्योगिक भूखंडों एवं आवासों के आवंटन पत्र भी वितरित किए गए। प्रदेश सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से गोरखपुर और पूरे पूर्वांचल में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राप्त होगी।