•वंचित समाज इंसाफ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बिहार और बंगाल में चुनाव प्रक्रिया की जांच कराने, बीएलओ की मौतों की निष्पक्ष पड़ताल और बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग की
नई दिल्ली/मथुरा। वंचित समाज इंसाफ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शेख ने बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनावों को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों में सत्ता परिवर्तन की वजह जनादेश नहीं, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका है। उन्होंने बिहार और बंगाल के चुनाव रद्द कर दोबारा चुनाव कराने, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े बीएलओ की मौतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
डॉ. शेख ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर करीब 14 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए और इसमें विशेष रूप से मुस्लिम समाज के मतदाताओं को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि वोट चोरी के लिए चुनाव आयोग के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं। उनका कहना था कि यदि एसआईआर प्रक्रिया को गंभीरता से समझा गया होता, तो प्रभावित लोगों को अगले चुनाव में मतदान करने की सलाह देने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाता।
उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है और सत्ता जनसमर्थन से हासिल करने के बजाय हथियाने का प्रयास हो रहा है। डॉ. शेख ने दावा किया कि जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर पहुंचे लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक सरकार को आंदोलनकारियों की समस्याएं सुनकर निष्पक्ष जांच का भरोसा देना चाहिए।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
डॉ. शेख ने मांग की कि बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनाव रद्द कर दोबारा कराए जाएं। उन्होंने बीएलओ की मौतों की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही, चुनावों से पहले कथित तौर पर गायब करीब 19 लाख ईवीएम के बारे में स्थिति स्पष्ट करने तथा भविष्य में सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग उठाई।
उन्होंने चुनाव आयोग पर केंद्र सरकार के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार को वर्ष 2014 के बाद केंद्र सरकार से मिले कथित लाभों की जांच कराने की भी मांग की।
महंगाई, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे उठाए
डॉ. शेख ने कहा कि देश में महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनके अनुसार, पिछड़े, अति पिछड़े और मुस्लिम समाज सहित विभिन्न वर्गों के लोग परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद, तीन तलाक और अनुच्छेद 370 जैसे मुद्दों के जरिए जनता का ध्यान बुनियादी समस्याओं से भटकाया गया है।
अंत में उन्होंने देश में भाईचारा और सामाजिक सौहार्द मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों और समुदायों के लोगों को मिलकर देश की प्रगति और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए।


