•मड़िहान के देवरीकलां में आयोजित मंडलीय किसान गोष्ठी में तीन मंडलों के करीब दो हजार किसानों ने लिया हिस्सा
•शहद की ब्रांडिंग कर ‘काशी शहद’ नाम से बिक्री की तैयारी, किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने पर जोर
मनोज अग्रहरि।
मीरजापुर। जनपद के मड़िहान तहसील अंतर्गत ग्राम सभा देवरीकलां में निर्माणाधीन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ड्रैगन फ्रूट का भूमि पूजन किया गया। उद्यान विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने भूमि पूजन किया। इसके बाद उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर मंडलीय किसान गोष्ठी का शुभारंभ किया। गोष्ठी में विंध्याचल, वाराणसी और आजमगढ़ मंडल के करीब दो हजार किसानों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में विधायक ममता मौर्या ने किसानों को संबोधित करते हुए उद्यान विभाग की ओर से कराए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग की योजनाओं का लाभ किसानों के खेतों तक पहुंच रहा है। विधान परिषद सदस्य श्याम नारायण सिंह ने भी विभागीय प्रयासों की प्रशंसा करते हुए किसानों को उद्यानिकी खेती के प्रति प्रोत्साहित किया।
ड्रैगन फ्रूट की खेती से बढ़ रही किसानों की आय
विधायक रमाशंकर सिंह पटेल ने कहा कि पहले लोगों को उद्यान विभाग की योजनाओं और गतिविधियों की बहुत कम जानकारी थी, लेकिन अब विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयासों से किसानों में जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने अपने भाई का उदाहरण देते हुए बताया कि उद्यान विभाग के मार्गदर्शन में पॉलीहाउस स्थापित कर ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की गई। इससे उनके भाई को प्रतिवर्ष लगभग 15 से 18 लाख रुपये की आय हो रही है। उन्होंने इसे किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
उचित मूल्य पर मिलेंगे ड्रैगन फ्रूट के पौधे
उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने गोष्ठी में बड़ी संख्या में किसानों की उपस्थिति और उनकी जागरूकता पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि मीरजापुर में स्थापित होने वाला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ड्रैगन फ्रूट किसानों के लिए उपयोगी साबित होगा। इसके निर्माण के बाद यहां के किसानों के साथ ही प्रदेश और अन्य राज्यों के किसानों को भी अच्छी प्रजातियों के ड्रैगन फ्रूट के पौधे उचित मूल्य पर उपलब्ध हो सकेंगे।
‘काशी शहद’ ब्रांड से शहद की बिक्री की तैयारी
उद्यान मंत्री ने मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए उनकी ब्रांडिंग और विपणन पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड में उत्पादित शहद भारत में लगभग 25 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक की दर से बेचे जाने का उदाहरण सामने आता है, जबकि स्थानीय शहद की कीमत अपेक्षाकृत कम है। इसी अंतर को दूर करने के उद्देश्य से उद्यान विभाग शहद की ब्रांडिंग कर उसे ‘काशी शहद’ के नाम से बेचने की योजना तैयार कर रहा है। इससे मधुमक्खी पालकों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मंत्री ने उप निदेशक उद्यान मेवाराम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जनपद में औद्यानिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए किए जा रहे कार्यों से किसानों में उत्साह बढ़ा है। इसी का परिणाम है कि मंडलीय किसान गोष्ठी में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में उद्यान निदेशक वीपी राम, नोडल अधिकारी राजीव वर्मा, उप निदेशक उद्यान केएम चौधरी तथा मंडल के विभिन्न जनपदों के जिला उद्यान अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


