•सातवें दिन कलाकारों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां, जिलाधिकारी ने मेला क्षेत्र का किया निरीक्षण।
मनोज अग्रहरि
मीरजापुर। विंध्याचल में शारदीय नवरात्र मेले के दौरान आयोजित नौ दिवसीय विंध्य महोत्सव के सातवें दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष श्यामसुंदर केशरी और नगर मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह ने मां विंध्यवासिनी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
नगर पालिका अध्यक्ष श्यामसुंदर केशरी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। मंच मिलने से उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिलती है। कार्यक्रम में लोकगायकों और नृत्य कलाकारों ने विंध्य की लोक संस्कृति को जीवंत किया। मीरजापुर के लोकगायक डॉ. मन्नू यादव ने बिरहा और रविशंकर ने भजनों की प्रस्तुति दी। चुनार के राजेश यादव, आरती जख्मी और जौनपुर के भजन गायक ने देवी गीतों से समां बांधा। अमरनाथ शुक्ला, प्रियंका चौहान, शिवानी मिश्रा, नम्रता श्रीमाली और सरोज श्रीवास्तव ने भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। नम्रता श्रीमाली ने कथक नृत्य प्रस्तुत किया।
कलाकारों को नगर पालिका अध्यक्ष और प्रभारी अधिकारी पर्यटन जूही प्रसाद ने अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। संचालन राजेंद्र तिवारी उर्फ लल्लू तिवारी और संजय श्रीवास्तव ने किया।
जिलाधिकारी ने परखी मेला क्षेत्र की व्यवस्था:-
अष्टमी पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने विंध्याचल मंदिर, गंगा घाट, अष्टभुजा, कालीखोह, मोतिया तालाब और तारा मंदिर सहित विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों को मुस्तैदी से ड्यूटी करने तथा श्रद्धालुओं को असुविधा से बचाने के निर्देश दिए।


