के के मिश्रा संवाददाता।
संत कबीर नगर। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में उर्वरक समिति की बैठक कलेक्ट्रेट कक्ष में आयोजित हुई। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा जनपद में उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण के संबंध में कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों से अद्यतन जानकारी लेते हुए आवश्यक बिंदुओं पर मार्गदर्शन दिया गया।
बैठक में जिला कृषि अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में यूरिया का स्टॉक 19067 मेट्रिक टन डीएपी 5174 मेट्रिक टन और एन पीके 2952 मेट्रिक टन उपलब्ध है जिसमें यूरिया डीएपी एनपीके क्रमशः 13390 मेट्रिक टन 1652 मेट्रिक टन एवं 706 मेट्रिक टन रिटेल पॉइंट पर उपलब्ध है। इस प्रकार फास्फेटिक उर्वरक की उपलब्धता रिटेल पॉइंट पर कुल उपलब्ध स्टॉक के सापेक्ष कम है ।
इसके संबंध में यह पाया गया कि अभी तक कुछ बिक्री केंद्र द्वारा समितिबार आवंटन के सापेक्ष डिमांड एवं आरटीजीएस पीसीएफ/इफको को नहीं किया गया है। जिला उर्वरक समिति द्वारा पुनः 485 MT डीएपी एवं 349 MT एनपीके का आवंटन किया गया है ।
जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि आवंटित उर्वरक तीन दिवस में निर्धारित समितियां को सीधे रेक पॉइंट से उपलब्ध कराया जाए, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाए।यदि किसी बिक्री केंद्र/समिति द्वारा उठान नहीं किया गया तो उसके विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
समीक्षा में यह भी पाया गया कि पीएससी भंडार में यूरिया डीएपी एनपीके इत्यादि 7000 मेट्रिक टन भंडारित है।मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जनपद में किसी भी प्रकार के उर्वरक की कोई कमी नहीं है और उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान भाई उर्वरकों की संतुलित मात्रा ही फसलों में प्रयोग करें । किसान अपनी माँग के अनुसार उर्वरक क्रय करें एवं यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उर्वरक क्रय किए जाने हेतु फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य किया गया है। किसानों को फार्मर रजिस्ट्री कराए जाने की सुविधा उपलब्ध कराए जाए एवं किसान अपनी फार्मर रजिस्ट्री आवश्यकता अनुसार अपडेट भी करें।
इस अवसर पर उप निदेशक कृषि डॉ0 राकेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी डा सर्वेश कुमार, ए0आर0 कॉपरेटिव आनंद कुमार, जिला प्रबंधक पीसीएफ अखिलेश कुमार, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज आदि उपस्थित रहे।