सौरभ पाठक की रिपोर्ट
अलीगढ़। मंगलायतन विश्वविद्यालय परिसर स्थित शिप्रा हॉल में ‘एंटी-रैगिंग दिवस’ के अवसर पर प्रेरणादायक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. पीके दशोरा द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ।

समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने विश्वविद्यालय के शैक्षिक माहौल और नैतिक मूल्यों पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है जब विद्यार्थी भयमुक्त, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में अध्ययन करें। नए और पुराने छात्रों के बीच आपसी स्नेह, सम्मान और भाईचारे का संबंध होना चाहिए। कुलपति ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विश्वविद्यालय परिसर को पूरी तरह से रैगिंग-मुक्त रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या अभद्रता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने युवाओं को एक-दूसरे के मार्गदर्शक बनने की प्रेरणा दी।
डीन एकेडमिक प्रो. अंबरीश शर्मा ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए परिसर में विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुरक्षित माहौल और अनुशासन का उल्लेख किया। प्रॉक्टर प्रो. प्रमोद कुमार ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और देश में लागू सख्त एंटी-रैगिंग कानूनों, कानूनी प्रावधानों तथा विश्वविद्यालय की नीतियों की विस्तृत जानकारी दी। दूसरे सत्र में विद्यार्थियों ने एंटी-रैगिंग जागरूकता विषय पर नाटक प्रस्तुत किया, जिसके माध्यम से रैगिंग के सामाजिक और मानसिक दुष्प्रभावों को दिखाया गया। इसके बाद प्रो. किशन पाल सिंह ने रैगिंग के गंभीर दुष्परिणामों के प्रति छात्रों को सतर्क किया और सभी का आभार व्यक्त किया। आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने में आयोजन समिति के सदस्य डा. संजय पाल, डा. सौरभ गुप्ता, डा. ब्रजेश शर्मा का विशेष योगदान रहा। संचालन याशिका गुप्ता ने किया।